Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
10 Feb 2023 · 1 min read

कहाँ छूते है कभी आसमाँ को अपने हाथ

कहाँ छूते है कभी आसमाँ को अपने हाथ
जमी का भी तो चाहिए होता जरासा साथ

✍️©’अशांत’ शेखर
10/02/2023

1 Like · 417 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
A heart-broken Soul.
A heart-broken Soul.
Manisha Manjari
परछाईयों की भी कद्र करता हूँ
परछाईयों की भी कद्र करता हूँ
VINOD CHAUHAN
“एक नई सुबह आयेगी”
“एक नई सुबह आयेगी”
पंकज कुमार कर्ण
*शुभ गणतंत्र दिवस कहलाता (बाल कविता)*
*शुभ गणतंत्र दिवस कहलाता (बाल कविता)*
Ravi Prakash
पितृपक्ष
पितृपक्ष
Neeraj Agarwal
सिंहपर्णी का फूल
सिंहपर्णी का फूल
singh kunwar sarvendra vikram
ख़्बाब आंखों में बंद कर लेते - संदीप ठाकुर
ख़्बाब आंखों में बंद कर लेते - संदीप ठाकुर
Sandeep Thakur
इश्क का कमाल है, दिल बेहाल है,
इश्क का कमाल है, दिल बेहाल है,
Rituraj shivem verma
..
..
*प्रणय प्रभात*
पुस्तक समीक्षा -राना लिधौरी गौरव ग्रंथ
पुस्तक समीक्षा -राना लिधौरी गौरव ग्रंथ
राजीव नामदेव 'राना लिधौरी'
जो कहना है खुल के कह दे....
जो कहना है खुल के कह दे....
Shubham Pandey (S P)
-- मैं --
-- मैं --
गायक - लेखक अजीत कुमार तलवार
साथ चाहिए
साथ चाहिए
पूर्वार्थ
उजियार
उजियार
नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
"कुछ अइसे करव"
Dr. Kishan tandon kranti
पहला प्यार सबक दे गया
पहला प्यार सबक दे गया
ठाकुर प्रतापसिंह "राणाजी"
कहते हैं तुम्हें ही जीने का सलीका नहीं है,
कहते हैं तुम्हें ही जीने का सलीका नहीं है,
manjula chauhan
लोग कह रहे हैं आज कल राजनीति करने वाले कितने गिर गए हैं!
लोग कह रहे हैं आज कल राजनीति करने वाले कितने गिर गए हैं!
Anand Kumar
21-- 🌸 और वह? 🌸
21-- 🌸 और वह? 🌸
Mahima shukla
केशों से मुक्ता गिरे,
केशों से मुक्ता गिरे,
sushil sarna
ये जो मुहब्बत लुका छिपी की नहीं निभेगी तुम्हारी मुझसे।
ये जो मुहब्बत लुका छिपी की नहीं निभेगी तुम्हारी मुझसे।
सत्य कुमार प्रेमी
बे-फ़िक्र ज़िंदगानी
बे-फ़िक्र ज़िंदगानी
Shyam Sundar Subramanian
सर के बल चलकर आएँगी, खुशियाँ अपने आप।
सर के बल चलकर आएँगी, खुशियाँ अपने आप।
डॉ.सीमा अग्रवाल
कितना और सहे नारी ?
कितना और सहे नारी ?
Mukta Rashmi
तब गाँव हमे अपनाता है
तब गाँव हमे अपनाता है
संजय कुमार संजू
!! परदे हया के !!
!! परदे हया के !!
Chunnu Lal Gupta
नए पुराने रूटीन के याचक
नए पुराने रूटीन के याचक
Dr MusafiR BaithA
नरसिंह अवतार विष्णु जी
नरसिंह अवतार विष्णु जी
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
मां
मां
Amrit Lal
वो रंगीन स्याही भी बेरंग सी नज़र आयेगी,
वो रंगीन स्याही भी बेरंग सी नज़र आयेगी,
डॉ. शशांक शर्मा "रईस"
Loading...