Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
30 Jun 2023 · 1 min read

कहती गौरैया

क्यों भूल गए मोहे मेरे भैया
मैं तो तेरे आंगन की गौरैया

बच्चों का मन बहलाती
इधर उधर फुर्र हो जाती
बनाओ इमारत चाहे ऊंची
खिड़की एक रखो तो छोटी
मत काटो पेड़, लता की छैया
मैं तेरे आंगन की गौरैया..

कभी चौके का चक्कर था काटा
कभी मां ने भी तो दिया था आटा
घेर की शोभा वो कहती थी
बेड़े की रौनक, अच्छी लगती थी
मैं भी थी उस प्यार की छैंया
मैं तेरे आंगन की गैरिया….

कभी कूंप पर कभी डाल पर
हर मौसम में हर एक हाल पर
इस अधुनिकता का प्राणी पिस्ता
मैं भी तो तेरे जीवन का हिस्सा
तेरे हर किस्से की त थ थैया
मैं तेरे आंगन की गौरैया….

ईश रची इस सृष्टि का अंश हूं
मुझे बचा लो एक पंख बंश हूं
संस्कृति सनातन की पहचान
गाओ गौरैया कहते खलिहान
मेरी चीं चींची भी गीत गवैया
मैं तेरे आंगन की गौरैया….

याद करो बचपन अठखेली
तेरे जीवन की मै भी सहेली
तुम प्राणी श्रेष्ठ मैं नन्हीं जान
तुमसे मांगती अपना स्थान
पड़ती तेरे मैं अब पैंया
मैं तेरे आंगन की गौरैया….

Language: Hindi
15 Likes · 5 Comments · 658 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from Dr.Pratibha Prakash
View all
You may also like:
व्यवहार अपना
व्यवहार अपना
Ranjeet kumar patre
मेरे मालिक मेरी क़लम को इतनी क़ुव्वत दे
मेरे मालिक मेरी क़लम को इतनी क़ुव्वत दे
Dr Tabassum Jahan
दो पंक्तियां
दो पंक्तियां
Vivek saswat Shukla
मुसाफिर
मुसाफिर
नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
जिंदगी में सिर्फ हम ,
जिंदगी में सिर्फ हम ,
Neeraj Agarwal
किताबें पूछती है
किताबें पूछती है
Surinder blackpen
रक्षाबन्धन
रक्षाबन्धन
कार्तिक नितिन शर्मा
"मैं आज़ाद हो गया"
Lohit Tamta
कुशादा
कुशादा
Mamta Rani
दर्पण
दर्पण
Kanchan verma
तुम तो ठहरे परदेशी
तुम तो ठहरे परदेशी
विशाल शुक्ल
नाम बनाने के लिए कभी-कभी
नाम बनाने के लिए कभी-कभी
शेखर सिंह
दिल से दिल तो टकराया कर
दिल से दिल तो टकराया कर
Ram Krishan Rastogi
फूल और कांटे
फूल और कांटे
अखिलेश 'अखिल'
💐प्रेम कौतुक-436💐
💐प्रेम कौतुक-436💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
*पशु- पक्षियों की आवाजें*
*पशु- पक्षियों की आवाजें*
Dushyant Kumar
हिन्दी दोहा-विश्वास
हिन्दी दोहा-विश्वास
राजीव नामदेव 'राना लिधौरी'
'लक्ष्य-1'
'लक्ष्य-1'
Dr. Asha Kumar Rastogi M.D.(Medicine),DTCD
"फंदा"
Dr. Kishan tandon kranti
23/86.*छत्तीसगढ़ी पूर्णिका*
23/86.*छत्तीसगढ़ी पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
अन्तर्मन की विषम वेदना
अन्तर्मन की विषम वेदना
सुशील मिश्रा ' क्षितिज राज '
“ अपने प्रशंसकों और अनुयायियों को सम्मान दें
“ अपने प्रशंसकों और अनुयायियों को सम्मान दें"
DrLakshman Jha Parimal
Budhape ki lathi samjhi
Budhape ki lathi samjhi
Sakshi Tripathi
तेरे नयनों ने यह क्या जादू किया
तेरे नयनों ने यह क्या जादू किया
gurudeenverma198
माँ तेरी याद
माँ तेरी याद
Dr fauzia Naseem shad
गुमनाम मुहब्बत का आशिक
गुमनाम मुहब्बत का आशिक
डॉ. श्री रमण 'श्रीपद्'
याद आते हैं
याद आते हैं
Chunnu Lal Gupta
कहने को सभी कहते_
कहने को सभी कहते_
Rajesh vyas
रामलला के विग्रह की जब, भव में प्राण प्रतिष्ठा होगी।
रामलला के विग्रह की जब, भव में प्राण प्रतिष्ठा होगी।
डॉ.सीमा अग्रवाल
कायम रखें उत्साह
कायम रखें उत्साह
Umesh उमेश शुक्ल Shukla
Loading...