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1 Jul 2023 · 1 min read

कर्म से विश्वाश जन्म लेता है,

कर्म से विश्वाश जन्म लेता है,
विश्वाश से प्रेम उदय होता है।
अगाध प्रेम से त्याग जन्मता है,
और त्याग ही मानव मूल है।

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