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12 Feb 2023 · 1 min read

# कर्म श्रेष्ठ या धर्म ??

# कर्म श्रेष्ठ या धर्म ??
आइए परखें
# धर्म में रत मनुष्य धर्मान्धता के मद में अक्सर कर्म से विमुख हो जाता है और स्वयं को धर्म को समर्पित कर निष्क्रिय हो बैठ जाता है ।।

# कर्म में लीन मनुष्य कर्तव्य पालन में निष्ठा के कारण धर्म के लिए सुयोग नहीं निकाल पाता और वह कर्म को ही अपना धर्म स्वीकार कर लेता है ।।

# “श्रेष्ठ कौन स्वयं विचार करें ।।”

सीमा वर्मा

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