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19 Jan 2024 · 1 min read

कभी मोहब्बत के लिए मरता नहीं था

कभी मोहब्बत के लिए मरता नहीं था
आज मोहब्बत के लिए तरसता हू
ये मंजर भी अब आया है
उसके जाने के बाद
जिसे जान से भी ज्यादा मानता था
तु आ जा मेरे दिल में समा जा
तुझे पहले से भी ज्यादा प्यार करूँगा
कभी तुमसे दूर होने को सोचा नही था
ऋतुराज

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