Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
17 Jul 2023 · 1 min read

कभी ज्ञान को पा इंसान भी, बुद्ध भगवान हो जाता है।

ऊँचे पहाड़ों सा वो कभी, चट्टान हो जाता है,
बहती नदी सा कोमल, भी इंसान हो जाता है।

झूझता है आंधियां से, विशाल दरख़्त की तरह,
फूंक से झोंकों से भी कभी, परेशान हो जाता है।

सूरज बन चढ़ता है, अनंत आकाश में इक पल,
दूजे पल में धरती चीर कर, वीरान हो जाता है।

समन्दर सा गहरा, पी जाता है दरिया के दरिया,
पानी के बुलबुलों सा कभी, बेईमान हो जाता है।

चमकता है कभी चांद सा, रजत बन कर रातों को,
कनक सा कभी वसंत बन कर, जवान हो जाता है।

अरुणोदय की लाली सा, भोर के तारे जैसे कभी,
अम्बर पे इंद्रधनुष की कभी, कमान हो जाता है।

परिंदों सा चहकता है, कभी कूकता है कोयल सा,
कभी उदास शाम के पतझड़ सा, बेज़ान हो जाता है।

जीवंत खिलखिलाता है कभी, फूलों पर सुगन्ध जैसे,
कभी सूखे पत्तों सा लरज कर, बे-जुबान हो जाता है।

ठहर जाता है कभी, शांत समन्दर की तरह बे-हलचल,
जंगल की आग सा कभी-कभी, घमासान हो जाता है

बांध बन रोक लेता है, कभी बहते भाव को, बहाब को,
कभी जंगली जानवर की तरह भी, हैवान हो जाता है।

ख़ोज लाता है कभी कभी, ख़ुद के पार जा वो मोक्ष को,
कभी ज्ञान को पा इंसान भी, बुद्ध भगवान हो जाता है।
– मोनिका

3 Likes · 1 Comment · 143 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from Monika Verma
View all
You may also like:
प्रेम पल्लवन
प्रेम पल्लवन
Er.Navaneet R Shandily
फितरत ना बदल सका
फितरत ना बदल सका
goutam shaw
जलपरी
जलपरी
लक्ष्मी सिंह
माटी कहे पुकार
माटी कहे पुकार
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
"नमक"
*Author प्रणय प्रभात*
साधा जिसने मौन को, पाता कभी न शोक (कुंडलिया)
साधा जिसने मौन को, पाता कभी न शोक (कुंडलिया)
Ravi Prakash
,,........,,
,,........,,
शेखर सिंह
यदि आप सकारात्मक नजरिया रखते हैं और हमेशा अपना सर्वश्रेष्ठ प
यदि आप सकारात्मक नजरिया रखते हैं और हमेशा अपना सर्वश्रेष्ठ प
पूर्वार्थ
मां शारदे कृपा बरसाओ
मां शारदे कृपा बरसाओ
ओम प्रकाश श्रीवास्तव
उदास नहीं हूं
उदास नहीं हूं
shabina. Naaz
यूं ही नहीं कहलाते, चिकित्सक/भगवान!
यूं ही नहीं कहलाते, चिकित्सक/भगवान!
Manu Vashistha
बौद्ध धर्म - एक विस्तृत विवेचना
बौद्ध धर्म - एक विस्तृत विवेचना
Shyam Sundar Subramanian
फिर से आंखों ने
फिर से आंखों ने
Dr fauzia Naseem shad
दरक जाती हैं दीवारें  यकीं ग़र हो न रिश्तों में
दरक जाती हैं दीवारें यकीं ग़र हो न रिश्तों में
Mahendra Narayan
"परिपक्वता"
Dr Meenu Poonia
"दूसरा मौका"
Dr. Kishan tandon kranti
कौन सुने फरियाद
कौन सुने फरियाद
विनोद वर्मा ‘दुर्गेश’
शहीद दिवस पर शहीदों को सत सत नमन 🙏🙏🙏
शहीद दिवस पर शहीदों को सत सत नमन 🙏🙏🙏
Prabhu Nath Chaturvedi "कश्यप"
वो मुझे पास लाना नही चाहता
वो मुझे पास लाना नही चाहता
कृष्णकांत गुर्जर
द्रौपदी ने भी रखा था ‘करवा चौथ’ का व्रत
द्रौपदी ने भी रखा था ‘करवा चौथ’ का व्रत
कवि रमेशराज
खोटा सिक्का
खोटा सिक्का
डाॅ. बिपिन पाण्डेय
बचपना
बचपना
Satish Srijan
जीवन से तम को दूर करो
जीवन से तम को दूर करो
Umesh उमेश शुक्ल Shukla
मेरा बचपन
मेरा बचपन
Ankita Patel
किसान आंदोलन
किसान आंदोलन
मनोज कर्ण
अंतिम इच्छा
अंतिम इच्छा
Shekhar Chandra Mitra
2876.*पूर्णिका*
2876.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
कितने दिलों को तोड़ती है कमबख्त फरवरी
कितने दिलों को तोड़ती है कमबख्त फरवरी
Vivek Pandey
राना दोहावली- तुलसी
राना दोहावली- तुलसी
राजीव नामदेव 'राना लिधौरी'
चाँद पूछेगा तो  जवाब  क्या  देंगे ।
चाँद पूछेगा तो जवाब क्या देंगे ।
sushil sarna
Loading...