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21 Sep 2016 · 1 min read

कभी काया या माया पर नहीं अभिमान तुम करना

कभी काया या माया पर नहीं अभिमान तुम करना
गुणों को ही सदा अपनी यहाँ पहचान तुम करना
हमारे साथ तो केवल हमारे कर्म जाएंगे
मिले हैं हाथ दो हमको उन्हें भगवान तुम करना
डॉ अर्चना गुप्ता

Language: Hindi
1 Like · 1 Comment · 477 Views
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