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19 Sep 2022 · 1 min read

एक हक़ीक़त

एक हक़ीक़त

अरमानोको यू हमने चुपचाप
सुलाया है

चाहत ने मगर तेरी नींदो से जगाया है।।

अल्लाह के आगे अब सर अपना झुकाया है

तन्हा हूँ बे-खौफ̐ हूँ țँडर दूर भगाया है।।
तकदीर का मेरी
अब चमका सितारा है।

सोचा भी नहीं था जो क्या-क्या नहीं पाया है।।

यह अहले वफा भी कुछ काम यँूआया है।

महफ़िल में वजदू अपना यकताईˬ में पाया है।।

उल्फत में ˬतेरी. हमनें
ये भेस बनाया है
किस खूबी से तूने अपना किरदार निभाया है
हर लम्हे ख़यालों में तुझ को ही
पाया है
अशआर में अपना हर लफ्ज सजाया है
मेहनत से अगर हमने इस घर को
सजाया है
हिम्मत से मगर तूने हर फर्ज निभाया है

ShabinaZ

Language: Hindi
1 Like · 135 Views
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