Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
11 Sep 2023 · 1 min read

एक बात तो,पक्की होती है मेरी,

एक बात तो,पक्की होती है मेरी,
मैं कभी किसी से,
मतलबी रिश्ता नहीं रखता हूँ ।
जिससे दिल लगाता हूँ,
उसका जीवनभर साथ निभाता हूँ ।
अब भले ही किसी मोड़ पे कोई हमें,
छोड़ दे या धोखा दे दे ।
ये और बात है ।।

174 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
2884.*पूर्णिका*
2884.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
संविधान ग्रंथ नहीं मां भारती की एक आत्मा 🇮🇳
संविधान ग्रंथ नहीं मां भारती की एक आत्मा 🇮🇳
तारकेश्‍वर प्रसाद तरुण
"अनमोल सौग़ात"
Dr. Asha Kumar Rastogi M.D.(Medicine),DTCD
गुरु दक्षिणा
गुरु दक्षिणा
Dr. Pradeep Kumar Sharma
#शेर
#शेर
*Author प्रणय प्रभात*
यूंही सावन में तुम बुनबुनाती रहो
यूंही सावन में तुम बुनबुनाती रहो
Basant Bhagawan Roy
नागिन
नागिन
डॉ विजय कुमार कन्नौजे
"मोहब्बत"
Dr. Kishan tandon kranti
किसी भी सफल और असफल व्यक्ति में मुख्य अन्तर ज्ञान और ताकत का
किसी भी सफल और असफल व्यक्ति में मुख्य अन्तर ज्ञान और ताकत का
Paras Nath Jha
बेटी
बेटी
Akash Yadav
*रक्तदान*
*रक्तदान*
Dushyant Kumar
हिन्दी दिवस
हिन्दी दिवस
Neeraj Agarwal
अंतिम युग कलियुग मानो, इसमें अँधकार चरम पर होगा।
अंतिम युग कलियुग मानो, इसमें अँधकार चरम पर होगा।
आर.एस. 'प्रीतम'
छाती पर पत्थर /
छाती पर पत्थर /
ईश्वर दयाल गोस्वामी
Pardushan
Pardushan
ASHISH KUMAR SINGH
सफर में महोब्बत
सफर में महोब्बत
Anil chobisa
Know your place in people's lives and act accordingly.
Know your place in people's lives and act accordingly.
पूर्वार्थ
*नवाब रजा अली खॉं ने श्रीमद्भागवत पुराण की पांडुलिपि से रामप
*नवाब रजा अली खॉं ने श्रीमद्भागवत पुराण की पांडुलिपि से रामप
Ravi Prakash
आगाह
आगाह
Shyam Sundar Subramanian
वृक्ष पुकार
वृक्ष पुकार
संजय कुमार संजू
कानून?
कानून?
nagarsumit326
" कटु सत्य "
DrLakshman Jha Parimal
पाती
पाती
डॉक्टर रागिनी
'बेटी बचाओ-बेटी पढाओ'
'बेटी बचाओ-बेटी पढाओ'
Bodhisatva kastooriya
तुम्हारी खुशी में मेरी दुनिया बसती है
तुम्हारी खुशी में मेरी दुनिया बसती है
Awneesh kumar
"शिक्षक तो बोलेगा”
पंकज कुमार कर्ण
Jeevan ke is chor pr, shanshon ke jor pr
Jeevan ke is chor pr, shanshon ke jor pr
Anu dubey
सत्तर भी है तो प्यार की कोई उमर नहीं।
सत्तर भी है तो प्यार की कोई उमर नहीं।
सत्य कुमार प्रेमी
शृंगारिक अभिलेखन
शृंगारिक अभिलेखन
DR ARUN KUMAR SHASTRI
আজ রাতে তোমায় শেষ চিঠি লিখবো,
আজ রাতে তোমায় শেষ চিঠি লিখবো,
Sakhawat Jisan
Loading...