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1 Aug 2023 · 1 min read

एक टहनी एक दिन पतवार बनती है,

एक टहनी एक दिन पतवार बनती है,
एक चिंगारी दहक कर अंगार बनती हैं।
पांव से रौंदी गई बेकार समझ कर,
एक दिन वही मिट्टी मीनार बनती है।
✍️ श्लोक “उमंग “✍️

3 Likes · 3 Comments · 288 Views
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