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30 Mar 2024 · 1 min read

एक किताब खोलो

एक किताब खोलो
तो जैसे
एक पूरा जहान
सामने खुल जाता है।।
खुल जाती हैं
जमीं के नीचे की परतें,
पूरा आसमान
सामने खुल जाता है।
***धीरजा शर्मा****

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