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30 Sep 2016 · 1 min read

उल्टी बात

कुण्डलिया छंद

लम्बूजी छोटे दिखे, छोटूजी छह फीट।
सीधेजी टेढ़े लगे, जैसे हो अनफीट
जैसे हो अनफीट, अंग हैं टेढ़े-मेढ़े
नाम समोसाराम, खाते रोज के पेड़े।
कह महंत कविराय,देखे हमने बम्बूजी
खुद सीढ़ी बन जाय,कहते उनको लम्बूजी।

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