Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
27 Mar 2023 · 1 min read

उम्र निकलती है जिसके होने में

उम्र निकलती है जिसके होने में
दो- पल काफी है उसे खोने में।

1 Like · 211 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from Anil Mishra Prahari
View all
You may also like:
समस्या का समाधान
समस्या का समाधान
Paras Nath Jha
सत्य दीप जलता हुआ,
सत्य दीप जलता हुआ,
नील पदम् Deepak Kumar Srivastava (दीपक )(Neel Padam)
उनकी नज़रों में अपना भी कोई ठिकाना है,
उनकी नज़रों में अपना भी कोई ठिकाना है,
डॉ. शशांक शर्मा "रईस"
जिंदगी के उतार चढ़ाव में
जिंदगी के उतार चढ़ाव में
Manoj Mahato
काजल
काजल
Neeraj Agarwal
*पत्रिका समीक्षा*
*पत्रिका समीक्षा*
Ravi Prakash
#खुलीबात
#खुलीबात
DrLakshman Jha Parimal
23/189.*छत्तीसगढ़ी पूर्णिका*
23/189.*छत्तीसगढ़ी पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
और भी शौक है लेकिन, इश्क तुम नहीं करो
और भी शौक है लेकिन, इश्क तुम नहीं करो
gurudeenverma198
भक्ति की राह
भक्ति की राह
Umesh उमेश शुक्ल Shukla
दिल के सभी
दिल के सभी
Dr fauzia Naseem shad
आता है संसार में,
आता है संसार में,
sushil sarna
विचार
विचार
Godambari Negi
पत्थर
पत्थर
manjula chauhan
मुझे तेरी जरूरत है
मुझे तेरी जरूरत है
Basant Bhagawan Roy
जितना रोज ऊपर वाले भगवान को मनाते हो ना उतना नीचे वाले इंसान
जितना रोज ऊपर वाले भगवान को मनाते हो ना उतना नीचे वाले इंसान
Ranjeet kumar patre
आज की बेटियां
आज की बेटियां
Shekhar Chandra Mitra
हर व्यक्ति की कोई ना कोई कमजोरी होती है। अगर उसका पता लगाया
हर व्यक्ति की कोई ना कोई कमजोरी होती है। अगर उसका पता लगाया
Radhakishan R. Mundhra
नजरअंदाज करने के
नजरअंदाज करने के
Dr Manju Saini
"अभिमान और सम्मान"
Dr. Kishan tandon kranti
भगवन नाम
भगवन नाम
लक्ष्मी सिंह
बनारस की ढलती शाम,
बनारस की ढलती शाम,
Sahil Ahmad
अब कहाँ मौत से मैं डरता हूँ
अब कहाँ मौत से मैं डरता हूँ
प्रीतम श्रावस्तवी
प्रकृति का प्रकोप
प्रकृति का प्रकोप
Kanchan verma
Thought
Thought
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
मैं जिन्दगी में
मैं जिन्दगी में
Swami Ganganiya
आईना देख
आईना देख
पाण्डेय चिदानन्द "चिद्रूप"
वतन के तराने
वतन के तराने
डॉ०छोटेलाल सिंह 'मनमीत'
गौर फरमाइए
गौर फरमाइए
राजीव नामदेव 'राना लिधौरी'
"विपक्ष" के पास
*प्रणय प्रभात*
Loading...