Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
8 Jul 2016 · 1 min read

उनसे हमारी मुलाक़ात न हो !

उनसे हमारी मुलाक़ात न हो !
कह कर मुकर जाये वो बात न हो !!

साथ रहकर भी तेरे साथ न था ,
उस रात के जैसी अब रात न हो !!

मिलने को तो मै मिल लू तुमसे ,
पर पहले जैसा विश्वासघात न हो !!

तू कहती है तो मान लेता हू ,
आँखों से रिमझिम बरसात न हो !!

प्यार में लैला मजनू दीवाने हुए ,
डर लगता है फिरसे शुरुआत न हो !!

237 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
मेला
मेला
Dr.Priya Soni Khare
जिंदगी तेरे कितने रंग, मैं समझ न पाया
जिंदगी तेरे कितने रंग, मैं समझ न पाया
पूर्वार्थ
कुछ आदतें बेमिसाल हैं तुम्हारी,
कुछ आदतें बेमिसाल हैं तुम्हारी,
नील पदम् Deepak Kumar Srivastava (दीपक )(Neel Padam)
मैं उसकी निग़हबानी का ऐसा शिकार हूँ
मैं उसकी निग़हबानी का ऐसा शिकार हूँ
Shweta Soni
आश्रय
आश्रय
goutam shaw
अकेले हुए तो ये समझ आया
अकेले हुए तो ये समझ आया
Dheerja Sharma
"अजीब दस्तूर"
Dr. Kishan tandon kranti
कुंडलिया छंद की विकास यात्रा
कुंडलिया छंद की विकास यात्रा
डाॅ. बिपिन पाण्डेय
जय अन्नदाता
जय अन्नदाता
gurudeenverma198
चुनिंदा बाल कहानियाँ (पुस्तक, बाल कहानी संग्रह)
चुनिंदा बाल कहानियाँ (पुस्तक, बाल कहानी संग्रह)
Dr. Pradeep Kumar Sharma
आजकल अकेले में बैठकर रोना पड़ रहा है
आजकल अकेले में बैठकर रोना पड़ रहा है
Keshav kishor Kumar
* प्रभु राम के *
* प्रभु राम के *
surenderpal vaidya
वक्त
वक्त
Namrata Sona
है नसीब अपना अपना-अपना
है नसीब अपना अपना-अपना
VINOD CHAUHAN
Birthday wish
Birthday wish
Ankita Patel
*जिंदगी के कुछ कड़वे सच*
*जिंदगी के कुछ कड़वे सच*
Sûrëkhâ Rãthí
स्याह रात मैं उनके खयालों की रोशनी है
स्याह रात मैं उनके खयालों की रोशनी है
ठाकुर प्रतापसिंह "राणाजी"
रुकना हमारा काम नहीं...
रुकना हमारा काम नहीं...
AMRESH KUMAR VERMA
व्यक्तिगत न्याय
व्यक्तिगत न्याय
DR ARUN KUMAR SHASTRI
जो मुस्किल में छोड़ जाए वो यार कैसा
जो मुस्किल में छोड़ जाए वो यार कैसा
Kumar lalit
दिव्य दृष्टि बाधित
दिव्य दृष्टि बाधित
Neeraj Agarwal
23/85.*छत्तीसगढ़ी पूर्णिका*
23/85.*छत्तीसगढ़ी पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
मिला जो इक दफा वो हर दफा मिलता नहीं यारों - डी के निवातिया
मिला जो इक दफा वो हर दफा मिलता नहीं यारों - डी के निवातिया
डी. के. निवातिया
Khuch rishte kbhi bhulaya nhi karte ,
Khuch rishte kbhi bhulaya nhi karte ,
Sakshi Tripathi
दोस्ती
दोस्ती
Mukesh Kumar Sonkar
मोर
मोर
Manu Vashistha
■ क़तआ (मुक्तक)
■ क़तआ (मुक्तक)
*Author प्रणय प्रभात*
नई तरह का कारोबार है ये
नई तरह का कारोबार है ये
shabina. Naaz
हमें उम्र ने नहीं हालात ने बड़ा किया है।
हमें उम्र ने नहीं हालात ने बड़ा किया है।
Kavi Devendra Sharma
बड़ी अजब है प्रीत की,
बड़ी अजब है प्रीत की,
sushil sarna
Loading...