Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
25 Feb 2017 · 1 min read

ईश्‍वर कहा बसता है ?

न वो मन्‍दिर में बसता है न मस्‍जिद न गुरुद्रारे में ,
वो जो रहबर है वो तो आदमी की अच्‍छाई में बसता है ,
न वो पत्‍थरो में बसता है न वो पहाडो में बसता है ,
वो जो यारब है इंसान की नेह मेंं बसता है,
न वो हवाओ मेंं बसता है न वो फि‍जाओ में बसता है ,
वो जो ईश्‍वर है वो तो कण-कण में बसता है ,

भरत कुमार गेहलोत
जालोर राजस्‍थान
सम्‍पर्क सुत्र 7742016184

582 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
मंजिल की तलाश में
मंजिल की तलाश में
Praveen Sain
*प्रीति के जो हैं धागे, न टूटें कभी (मुक्तक)*
*प्रीति के जो हैं धागे, न टूटें कभी (मुक्तक)*
Ravi Prakash
वो क्या देंगे साथ है,
वो क्या देंगे साथ है,
sushil sarna
आज कल के दौर के लोग किसी एक इंसान , परिवार या  रिश्ते को इतन
आज कल के दौर के लोग किसी एक इंसान , परिवार या रिश्ते को इतन
पूर्वार्थ
पर्वतों से भी ऊॅ॑चा,बुलंद इरादा रखता हूॅ॑ मैं
पर्वतों से भी ऊॅ॑चा,बुलंद इरादा रखता हूॅ॑ मैं
VINOD CHAUHAN
चराग़ों की सभी ताक़त अँधेरा जानता है
चराग़ों की सभी ताक़त अँधेरा जानता है
अंसार एटवी
जीवन यात्रा
जीवन यात्रा
विजय कुमार अग्रवाल
जिद कहो या आदत क्या फर्क,
जिद कहो या आदत क्या फर्क,"रत्न"को
गुप्तरत्न
बूथ तक जाना वोटर्स की ड्यूटी है। वोटर्स के पास जाना कैंडीडेट
बूथ तक जाना वोटर्स की ड्यूटी है। वोटर्स के पास जाना कैंडीडेट
*Author प्रणय प्रभात*
संत सनातनी बनना है तो
संत सनातनी बनना है तो
Satyaveer vaishnav
//एहसास//
//एहसास//
AVINASH (Avi...) MEHRA
निहारा
निहारा
Dr. Mulla Adam Ali
नज़रें!
नज़रें!
कविता झा ‘गीत’
मुस्कुराते हुए सब बता दो।
मुस्कुराते हुए सब बता दो।
surenderpal vaidya
इश्क का तोता
इश्क का तोता
Neelam Sharma
"मुखौटे"
इंदु वर्मा
कुण्डलिया
कुण्डलिया
ओमप्रकाश भारती *ओम्*
दुनिया में सब ही की तरह
दुनिया में सब ही की तरह
डी. के. निवातिया
जिंदगी के तराने
जिंदगी के तराने
नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
शोख- चंचल-सी हवा
शोख- चंचल-सी हवा
लक्ष्मी सिंह
आओ बैठो पियो पानी🌿🇮🇳🌷
आओ बैठो पियो पानी🌿🇮🇳🌷
तारकेश्‍वर प्रसाद तरुण
Ranjeet Shukla
Ranjeet Shukla
Ranjeet kumar Shukla
कभी एक तलाश मेरी खुद को पाने की।
कभी एक तलाश मेरी खुद को पाने की।
Manisha Manjari
विचार और रस [ एक ]
विचार और रस [ एक ]
कवि रमेशराज
श्री गणेश वंदना:
श्री गणेश वंदना:
जगदीश शर्मा सहज
यहाँ किसे , किसका ,कितना भला चाहिए ?
यहाँ किसे , किसका ,कितना भला चाहिए ?
_सुलेखा.
"बँटवारा"
Dr. Kishan tandon kranti
चुप रहो
चुप रहो
Sûrëkhâ
23/133.*छत्तीसगढ़ी पूर्णिका*
23/133.*छत्तीसगढ़ी पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
श्याम-राधा घनाक्षरी
श्याम-राधा घनाक्षरी
Suryakant Dwivedi
Loading...