Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
27 Feb 2024 · 1 min read

इस दुनिया में कोई भी मजबूर नहीं होता बस अपने आदतों से बाज़ आ

इस दुनिया में कोई भी मजबूर नहीं होता बस अपने आदतों से बाज़ आने के बजाय।
एक शराबी शराब से बाज़ नहीं आता कहता है मजबूर हूं पीने को।एक व्यक्ति भीख मांगने से बाज़ नहीं आता कहता है मजबूर हूं कमाने से।लेकिन ये अपनी सदैव अवसर की तलाश में रहती है और वो खुद को मजबूर नहीं बल्कि मजबूत बनाती है।
RJ Anand Prajapati

78 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
एक तिरंगा मुझको ला दो
एक तिरंगा मुझको ला दो
लक्ष्मी सिंह
तुम्हें पाना-खोना एकसार सा है--
तुम्हें पाना-खोना एकसार सा है--
Shreedhar
अधिक हर्ष और अधिक उन्नति के बाद ही अधिक दुख और पतन की बारी आ
अधिक हर्ष और अधिक उन्नति के बाद ही अधिक दुख और पतन की बारी आ
पूर्वार्थ
#शीर्षक;-ले लो निज अंक मॉं
#शीर्षक;-ले लो निज अंक मॉं
Pratibha Pandey
कोशिश करना आगे बढ़ना
कोशिश करना आगे बढ़ना
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
ज़िंदगी को
ज़िंदगी को
Sangeeta Beniwal
........,?
........,?
शेखर सिंह
जबकि ख़ाली हाथ जाना है सभी को एक दिन,
जबकि ख़ाली हाथ जाना है सभी को एक दिन,
Shyam Vashishtha 'शाहिद'
*लफ्ज*
*लफ्ज*
Kumar Vikrant
नव वर्ष पर सबने लिखा
नव वर्ष पर सबने लिखा
Harminder Kaur
अलसाई सी तुम
अलसाई सी तुम
Awadhesh Singh
नाना भांति के मंच सजे हैं,
नाना भांति के मंच सजे हैं,
Anamika Tiwari 'annpurna '
23/137.*छत्तीसगढ़ी पूर्णिका*
23/137.*छत्तीसगढ़ी पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
हक़ीक़त का
हक़ीक़त का
Dr fauzia Naseem shad
सुकूं आता है,नहीं मुझको अब है संभलना ll
सुकूं आता है,नहीं मुझको अब है संभलना ll
गुप्तरत्न
मन तो करता है मनमानी
मन तो करता है मनमानी
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
कान में रखना
कान में रखना
Kanchan verma
■ प्रणय के मुक्तक
■ प्रणय के मुक्तक
*प्रणय प्रभात*
!!! नानी जी !!!
!!! नानी जी !!!
जगदीश लववंशी
*मूलत: आध्यात्मिक व्यक्तित्व श्री जितेंद्र कमल आनंद जी*
*मूलत: आध्यात्मिक व्यक्तित्व श्री जितेंद्र कमल आनंद जी*
Ravi Prakash
Maine Dekha Hai Apne Bachpan Ko!
Maine Dekha Hai Apne Bachpan Ko!
Srishty Bansal
बेज़ार सफर (कविता)
बेज़ार सफर (कविता)
Monika Yadav (Rachina)
रक्तदान
रक्तदान
Dr. Pradeep Kumar Sharma
लड़को की योग्यता पर सवाल क्यो
लड़को की योग्यता पर सवाल क्यो
भरत कुमार सोलंकी
स्वामी श्रद्धानंद का हत्यारा, गांधीजी को प्यारा
स्वामी श्रद्धानंद का हत्यारा, गांधीजी को प्यारा
कवि रमेशराज
मेरी बेटी बड़ी हो गई,
मेरी बेटी बड़ी हो गई,
डॉ. शशांक शर्मा "रईस"
"रंग"
Dr. Kishan tandon kranti
- मोहब्बत महंगी और फरेब धोखे सस्ते हो गए -
- मोहब्बत महंगी और फरेब धोखे सस्ते हो गए -
bharat gehlot
कैसे गाएँ गीत मल्हार
कैसे गाएँ गीत मल्हार
संजय कुमार संजू
* इस धरा को *
* इस धरा को *
surenderpal vaidya
Loading...