Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
28 May 2023 · 1 min read

इस क्षितिज से उस क्षितिज तक देखने का शौक था,

इस क्षितिज से उस क्षितिज तक देखने का शौक था,
पर मेरी मां का आसमा तेरे आंगन की नाप का था
कोई पहाड़ ना था लांघने को, लांघ सकती,ये घर की डेहरियां
खंभों की आड़ में देख पाती न थी, गांव की लहरियां

1 Like · 260 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
सर्द हवाएं
सर्द हवाएं
सुशील मिश्रा ' क्षितिज राज '
अप्प दीपो भव
अप्प दीपो भव
Shekhar Chandra Mitra
"हर कोई अपने होते नही"
Yogendra Chaturwedi
पिता
पिता
Harendra Kumar
"वक्त" भी बड़े ही कमाल
नेताम आर सी
अफसोस मेरे दिल पे ये रहेगा उम्र भर ।
अफसोस मेरे दिल पे ये रहेगा उम्र भर ।
Phool gufran
मै पत्नी के प्रेम में रहता हूं
मै पत्नी के प्रेम में रहता हूं
भरत कुमार सोलंकी
बेचारा प्रताड़ित पुरुष
बेचारा प्रताड़ित पुरुष
Manju Singh
गीतिका
गीतिका
डाॅ. बिपिन पाण्डेय
It's not always about the sweet kisses or romantic gestures.
It's not always about the sweet kisses or romantic gestures.
पूर्वार्थ
मेरे मालिक मेरी क़लम को इतनी क़ुव्वत दे
मेरे मालिक मेरी क़लम को इतनी क़ुव्वत दे
Dr Tabassum Jahan
आज फिर किसी की बातों ने बहकाया है मुझे,
आज फिर किसी की बातों ने बहकाया है मुझे,
Vishal babu (vishu)
कभी कभी
कभी कभी
Shweta Soni
3274.*पूर्णिका*
3274.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
*दिल का आदाब ले जाना*
*दिल का आदाब ले जाना*
sudhir kumar
मैं गीत हूं ग़ज़ल हो तुम न कोई भूल पाएगा।
मैं गीत हूं ग़ज़ल हो तुम न कोई भूल पाएगा।
सत्य कुमार प्रेमी
वो बचपन था
वो बचपन था
Satish Srijan
यही एक काम बुरा, जिंदगी में हमने किया है
यही एक काम बुरा, जिंदगी में हमने किया है
gurudeenverma198
*हे हनुमंत प्रणाम : सुंदरकांड से प्रेरित आठ दोहे*
*हे हनुमंत प्रणाम : सुंदरकांड से प्रेरित आठ दोहे*
Ravi Prakash
कोई तो डगर मिले।
कोई तो डगर मिले।
Taj Mohammad
कीमत
कीमत
Ashwani Kumar Jaiswal
हुआ पिया का आगमन
हुआ पिया का आगमन
लक्ष्मी सिंह
आवारा पंछी / लवकुश यादव
आवारा पंछी / लवकुश यादव "अज़ल"
लवकुश यादव "अज़ल"
श्रीराम पे बलिहारी
श्रीराम पे बलिहारी
Umesh उमेश शुक्ल Shukla
बेशक हम गरीब हैं लेकिन दिल बड़ा अमीर है कभी आना हमारे छोटा स
बेशक हम गरीब हैं लेकिन दिल बड़ा अमीर है कभी आना हमारे छोटा स
Ranjeet kumar patre
धर्मांध
धर्मांध
नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
🌹ढ़ूढ़ती हूँ अक्सर🌹
🌹ढ़ूढ़ती हूँ अक्सर🌹
Dr Shweta sood
"सियासत बाज"
Dr. Kishan tandon kranti
ग़ज़ल/नज़्म - फितरत-ए-इंसा...आज़ कोई सामान बिक गया नाम बन के
ग़ज़ल/नज़्म - फितरत-ए-इंसा...आज़ कोई सामान बिक गया नाम बन के
अनिल कुमार
हिंदुस्तान जिंदाबाद
हिंदुस्तान जिंदाबाद
Aman Kumar Holy
Loading...