Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
8 Nov 2022 · 1 min read

इश्क रोग

रोगों में रोग इश्क रोग,
इसकी कोई दवा नहीं।
प्रेमी इसकी दवा है,
प्रेमिका इसकी दवा है।
जो इसमें लगा है,
भूल गया कौन सा सगा है।
चाह कर भी मर नहीं सकता कोई,
इश्क ऐसी सजा है।

5 Likes · 199 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from Dushyant Kumar
View all
You may also like:
तेरा-मेरा साथ, जीवनभर का ...
तेरा-मेरा साथ, जीवनभर का ...
Sunil Suman
चेहरे पे लगा उनके अभी..
चेहरे पे लगा उनके अभी..
Dr. Rajendra Singh 'Rahi'
ग़ज़ल
ग़ज़ल
Mahendra Narayan
आखिर मैंने भी कवि बनने की ठानी MUSAFIR BAITHA
आखिर मैंने भी कवि बनने की ठानी MUSAFIR BAITHA
Dr MusafiR BaithA
मुझे भी
मुझे भी "याद" रखना,, जब लिखो "तारीफ " वफ़ा की.
Ranjeet kumar patre
2698.*पूर्णिका*
2698.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
कोई भी इतना व्यस्त नहीं होता कि उसके पास वह सब करने के लिए प
कोई भी इतना व्यस्त नहीं होता कि उसके पास वह सब करने के लिए प
पूर्वार्थ
बाल नहीं खुले तो जुल्फ कह गयी।
बाल नहीं खुले तो जुल्फ कह गयी।
Anil chobisa
प्रीत की चादर
प्रीत की चादर
Dr.Pratibha Prakash
मुझसे  नज़रें  मिलाओगे  क्या ।
मुझसे नज़रें मिलाओगे क्या ।
Shah Alam Hindustani
हृदय परिवर्तन जो 'बुद्ध' ने किया ..।
हृदय परिवर्तन जो 'बुद्ध' ने किया ..।
Buddha Prakash
"करिए ऐसे वार"
Dr. Kishan tandon kranti
कुटीर (कुंडलिया)
कुटीर (कुंडलिया)
Ravi Prakash
होली
होली
Neelam Sharma
गीत
गीत
प्रीतम श्रावस्तवी
जीवन में प्राकृतिक ही  जिंदगी हैं।
जीवन में प्राकृतिक ही जिंदगी हैं।
Neeraj Agarwal
प्रिंट मीडिया का आभार
प्रिंट मीडिया का आभार
ऐ./सी.राकेश देवडे़ बिरसावादी
आज के बच्चों की बदलती दुनिया
आज के बच्चों की बदलती दुनिया
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
जब से देखा है तुमको
जब से देखा है तुमको
Ram Krishan Rastogi
दिलों में है शिकायत तो, शिकायत को कहो तौबा,
दिलों में है शिकायत तो, शिकायत को कहो तौबा,
Vishal babu (vishu)
तुझे भूले कैसे।
तुझे भूले कैसे।
Taj Mohammad
💐प्रेम कौतुक-424💐
💐प्रेम कौतुक-424💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
मुझे सहारा नहीं तुम्हारा साथी बनना है,
मुझे सहारा नहीं तुम्हारा साथी बनना है,
लक्ष्मी वर्मा प्रतीक्षा
.*यादों के पन्ने.......
.*यादों के पन्ने.......
Naushaba Suriya
"मेरे पास भी रखी है स्याही की शीशी। किस पर फेंकूं कि सुर्ख़िय
*Author प्रणय प्रभात*
किसी अंधेरी कोठरी में बैठा वो एक ब्रम्हराक्षस जो जानता है सब
किसी अंधेरी कोठरी में बैठा वो एक ब्रम्हराक्षस जो जानता है सब
Utkarsh Dubey “Kokil”
रेत समुद्र ही रेगिस्तान है और सही राजस्थान यही है।
रेत समुद्र ही रेगिस्तान है और सही राजस्थान यही है।
प्रेमदास वसु सुरेखा
सफलता
सफलता
Babli Jha
आजमाइश
आजमाइश
AJAY AMITABH SUMAN
डॉ अरुण कुमार शास्त्री
डॉ अरुण कुमार शास्त्री
DR ARUN KUMAR SHASTRI
Loading...