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1 May 2022 · 1 min read

इश्क के मारे है।

इश्क के मारे है।
किस्मत के सहारे है।।1।।

पत्थर हो गए है।
अश्कों को सुखाए है।।2।।

रिश्तों में धोखे है।
सारे ही हुए पराए है।।3।।

बड़ी याद आती है।
दिल को बहलाए है।।4।।

चाह कर भी हम।
उसे भुला ना पाए है।।5।।

जानते है फरेबी है।
फिरभी दिल लगाए है।।6।।

राहत मिल जाती है।
झूठी उम्मीदों के सहारे है।।7।।

ताज मोहम्मद
लखनऊ

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