Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
10 Feb 2023 · 1 min read

इश्क़ इबादत

डॉ अरुण कुमार शास्त्री एक अबोध बालक अरुण अतृप्त

💐 इश्क़ इबादत 💐

एक अबोध बालक

इश्क है अगर मुझसे
तो उसका जिक्र
भी जरूरी है !
कि जैसे अल्लाह
की इबादत को
घुटनों पे आना
जरूरी है !
मैं नहीं चाह्ता के
तू बर्बाद हो जाये
मगर जब प्यास लगती है
तो महज इक बूंद पूरी है !
निकल घर से और
कर ये ऐलान दुनियाँ में
के सभी को
चाहना दिल से
हाय तेरी मजबूरी है ।
इश्क है अगर मुझसे
तो उसका जिक्र
भी जरूरी है ।
मुंतजिर हूँ मुंतज़िर था
और मुंतज़िर ही रहूँगा
तेरी इस वेवफ़ाई को
सामने दुनिया के लाना
भी अब यकीनन ज़रूरी है ।
तेरा वादा और बदलती रूत
कभी सर्दी कभी गर्मी
कभी बरसात का मौसम
भरोसा आये भी तो
तेरे इख़लाक़ का बता कैसे ।
कि अब इस उम्र का
ढल जाना भी
बेहद जाना ज़रूरी है ।
मैं टूटा तो नहीं लेकिन
मिरी सांसे अब संभाले कौन
जो मेरे खास थे
उनका हलफ़नामा अब
दुनियां को बतायेगा कौन
बड़ी मुश्किल से ख़त
लिखे मैंने तुझको बुलाने को
मग़र इस उम्र ढ़लती में
ये मिरे माशूक़ तक
पहुचायेगा कौन
इसीलिए फिर कहता है
ये अबोध बालक कि
इश्क है अगर मुझसे
तो उसका जिक्र
भी जरूरी है !
कि जैसे अल्लाह
की इबादत को
घुटनों पे आना
यकीनन जरूरी है !

1 Comment · 206 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from DR ARUN KUMAR SHASTRI
View all
You may also like:
23/125.*छत्तीसगढ़ी पूर्णिका*
23/125.*छत्तीसगढ़ी पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
शिक्षक
शिक्षक
Mukesh Kumar Sonkar
अपने वतन पर सरफ़रोश
अपने वतन पर सरफ़रोश
gurudeenverma198
छल
छल
गौरव बाबा
"सैल्यूट"
Dr. Kishan tandon kranti
14) “जीवन में योग”
14) “जीवन में योग”
Sapna Arora
भ्रष्टाचार
भ्रष्टाचार
Paras Nath Jha
अंतरद्वंद
अंतरद्वंद
Happy sunshine Soni
माता पिता नर नहीं नारायण हैं ? ❤️🙏🙏
माता पिता नर नहीं नारायण हैं ? ❤️🙏🙏
तारकेश्‍वर प्रसाद तरुण
थक गये चौकीदार
थक गये चौकीदार
Shyamsingh Lodhi (Tejpuriya)
उदासियाँ  भरे स्याह, साये से घिर रही हूँ मैं
उदासियाँ भरे स्याह, साये से घिर रही हूँ मैं
_सुलेखा.
"मुखौटे"
इंदु वर्मा
ऐ वतन
ऐ वतन
नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
अधूरे ख़्वाब की जैसे
अधूरे ख़्वाब की जैसे
Dr fauzia Naseem shad
मां
मां
Dr Parveen Thakur
प्रतिश्रुति
प्रतिश्रुति
DR ARUN KUMAR SHASTRI
**** मानव जन धरती पर खेल खिलौना ****
**** मानव जन धरती पर खेल खिलौना ****
सुखविंद्र सिंह मनसीरत
ग़ज़ल - इश्क़ है
ग़ज़ल - इश्क़ है
Mahendra Narayan
पर दारू तुम ना छोड़े
पर दारू तुम ना छोड़े
Mukesh Srivastava
गद्य के संदर्भ में क्या छिपा है
गद्य के संदर्भ में क्या छिपा है
Shweta Soni
सामाजिक कविता: बर्फ पिघलती है तो पिघल जाने दो,
सामाजिक कविता: बर्फ पिघलती है तो पिघल जाने दो,
Rajesh Kumar Arjun
महान कथाकार प्रेमचन्द की प्रगतिशीलता खण्डित थी, ’बड़े घर की
महान कथाकार प्रेमचन्द की प्रगतिशीलता खण्डित थी, ’बड़े घर की
Dr MusafiR BaithA
सुर्ख चेहरा हो निगाहें भी शबाब हो जाए ।
सुर्ख चेहरा हो निगाहें भी शबाब हो जाए ।
Phool gufran
भुलाया ना जा सकेगा ये प्रेम
भुलाया ना जा सकेगा ये प्रेम
The_dk_poetry
■ पांचजन्य के डुप्लीकेट।
■ पांचजन्य के डुप्लीकेट।
*Author प्रणय प्रभात*
भरते थे घर में कभी, गेहूँ चावल दाल ( कुंडलिया )
भरते थे घर में कभी, गेहूँ चावल दाल ( कुंडलिया )
Ravi Prakash
सबने पूछा, खुश रहने के लिए क्या है आपकी राय?
सबने पूछा, खुश रहने के लिए क्या है आपकी राय?
Kanchan Alok Malu
💐अज्ञात के प्रति-18💐
💐अज्ञात के प्रति-18💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
रूपेश को मिला
रूपेश को मिला "बेस्ट राईटर ऑफ द वीक सम्मान- 2023"
रुपेश कुमार
*बल गीत (वादल )*
*बल गीत (वादल )*
Rituraj shivem verma
Loading...