Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
30 Jul 2023 · 1 min read

इंतजार

#शीर्षक:- इंतजार
#दिनांक:- 28/7/2023

इंतज़ार, इंतज़ार बस इंतज़ार है,
हमें अपने समय का इंतज़ार है,
कब आयेगा?? पता नहीं,
आयेगा भी या नहीं ?
पता नहीं,
रात नींद में गुज़र जाती है,
सुहानी सुबह नयी आशाएँ लाती है,
फिर सारा दिन ऊर्जावान रहती…,
लेकिन शाम निराशा जगाती है😔😔😔
एक दिन क्या कभी मेरा होगा ????
गर होगा, उस दिन,
दिल बाग-बाग में खोया रहेगा,
अपना वजूद सामने होगा,
पारदर्शी सा दिखायी देगा,
एक साथ संगम,
पैसा, ख़ुशी, आज़ादी का आगमन……
झूमकर नाचेंगे, मन मयूर समान,
मेरा समय देखेगा सारा हिन्दुस्तान !!!!
पर कब आयेगा ऐसा समय????
शैशवावस्था से युवावस्था पार कर गये,
प्रोढावस्था में क्या आयेगा हमारा समय????
या वृद्धावस्था में विलीन हो जायेगा समय…????

रचना मौलिक, अप्रकाशित, स्वरचित और सर्वाधिक सुरक्षित है|

“प्रतिभा पाण्डेय” चेन्नई

Language: Hindi
174 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
एक जिद्दी जुनूनी और स्वाभिमानी पुरुष को कभी ईनाम और सम्मान क
एक जिद्दी जुनूनी और स्वाभिमानी पुरुष को कभी ईनाम और सम्मान क
Rj Anand Prajapati
होली और रंग
होली और रंग
Arti Bhadauria
तू है लबड़ा / MUSAFIR BAITHA
तू है लबड़ा / MUSAFIR BAITHA
Dr MusafiR BaithA
** स्नेह भरी मुस्कान **
** स्नेह भरी मुस्कान **
surenderpal vaidya
अनादि
अनादि
सुशील मिश्रा ' क्षितिज राज '
परिवार, घड़ी की सूइयों जैसा होना चाहिए कोई छोटा हो, कोई बड़ा
परिवार, घड़ी की सूइयों जैसा होना चाहिए कोई छोटा हो, कोई बड़ा
ललकार भारद्वाज
उत्कर्ष
उत्कर्ष
Mrs PUSHPA SHARMA {पुष्पा शर्मा अपराजिता}
तुम्ही ने दर्द दिया है,तुम्ही दवा देना
तुम्ही ने दर्द दिया है,तुम्ही दवा देना
Ram Krishan Rastogi
संदेश
संदेश
Shyam Sundar Subramanian
12 fail ..👇
12 fail ..👇
Shubham Pandey (S P)
हाइकु
हाइकु
अशोक कुमार ढोरिया
उमेश शुक्ल के हाइकु
उमेश शुक्ल के हाइकु
Umesh उमेश शुक्ल Shukla
**कब से बंद पड़ी है गली दुकान की**
**कब से बंद पड़ी है गली दुकान की**
सुखविंद्र सिंह मनसीरत
"जरा देख"
Dr. Kishan tandon kranti
ट्रेन का रोमांचित सफर........एक पहली यात्रा
ट्रेन का रोमांचित सफर........एक पहली यात्रा
Neeraj Agarwal
और ज़रा-सा ज़ोर लगा
और ज़रा-सा ज़ोर लगा
Shekhar Chandra Mitra
*जो भी अपनी खुशबू से इस, दुनिया को महकायेगा (हिंदी गजल)*
*जो भी अपनी खुशबू से इस, दुनिया को महकायेगा (हिंदी गजल)*
Ravi Prakash
अजब प्रेम की बस्तियाँ,
अजब प्रेम की बस्तियाँ,
sushil sarna
आज पलटे जो ख़्बाब के पन्ने - संदीप ठाकुर
आज पलटे जो ख़्बाब के पन्ने - संदीप ठाकुर
Sandeep Thakur
@ खोज @
@ खोज @
Prashant Tiwari
यति यतनलाल
यति यतनलाल
Dr. Pradeep Kumar Sharma
जब किसान के बेटे को गोबर में बदबू आने लग जाए
जब किसान के बेटे को गोबर में बदबू आने लग जाए
शेखर सिंह
बददुआ देना मेरा काम नहीं है,
बददुआ देना मेरा काम नहीं है,
डॉ. शशांक शर्मा "रईस"
राम काज में निरत निरंतर
राम काज में निरत निरंतर
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
पुरानी पेंशन
पुरानी पेंशन
डॉ०छोटेलाल सिंह 'मनमीत'
🙅इस साल🙅
🙅इस साल🙅
*Author प्रणय प्रभात*
सितमज़रीफी किस्मत की
सितमज़रीफी किस्मत की
Shweta Soni
डॉ अरुण कुमार शास्त्री
डॉ अरुण कुमार शास्त्री
DR ARUN KUMAR SHASTRI
विचार, संस्कार और रस-4
विचार, संस्कार और रस-4
कवि रमेशराज
मोबाइल फोन
मोबाइल फोन
डॉ प्रवीण कुमार श्रीवास्तव, प्रेम
Loading...