Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
25 Nov 2023 · 1 min read

आ जाते हैं जब कभी, उमड़ घुमड़ घन श्याम।

आ जाते हैं जब कभी, उमड़ घुमड़ घन श्याम।
मुश्किल में हमको नहीं, करने देते काम।
सभी दिशाओं का यही, हो जाता है हाल।
ऐसे में घर बैठकर, करते सब आराम।
~~~~~~~~~~~
-सुरेन्द्रपाल वैद्य, २५/११/२०२३

1 Like · 1 Comment · 95 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from surenderpal vaidya
View all
You may also like:
मेरी एक सहेली है
मेरी एक सहेली है
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
मजे की बात है
मजे की बात है
Rohit yadav
"सिलसिला"
Dr. Kishan tandon kranti
लोकतंत्र में शक्ति
लोकतंत्र में शक्ति
Umesh उमेश शुक्ल Shukla
सीमजी प्रोडक्शंस की फिल्म ‘राजा सलहेस’ मैथिली सिनेमा की दूसरी सबसे सफल फिल्मों में से एक मानी जा रही है.
सीमजी प्रोडक्शंस की फिल्म ‘राजा सलहेस’ मैथिली सिनेमा की दूसरी सबसे सफल फिल्मों में से एक मानी जा रही है.
श्रीहर्ष आचार्य
ऐसे थे पापा मेरे ।
ऐसे थे पापा मेरे ।
Kuldeep mishra (KD)
कि लड़का अब मैं वो नहीं
कि लड़का अब मैं वो नहीं
The_dk_poetry
बच्चा जो पैदा करें, पहले पूछो आय ( कुंडलिया)
बच्चा जो पैदा करें, पहले पूछो आय ( कुंडलिया)
Ravi Prakash
देखिए आप आप सा हूँ मैं
देखिए आप आप सा हूँ मैं
Anis Shah
नए वर्ष की इस पावन बेला में
नए वर्ष की इस पावन बेला में
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
■ क़तआ (मुक्तक)
■ क़तआ (मुक्तक)
*Author प्रणय प्रभात*
सत्य
सत्य
Dinesh Kumar Gangwar
#डॉ अरुण कुमार शास्त्री
#डॉ अरुण कुमार शास्त्री
DR ARUN KUMAR SHASTRI
मैंने एक दिन खुद से सवाल किया —
मैंने एक दिन खुद से सवाल किया —
SURYA PRAKASH SHARMA
बाजार  में हिला नहीं
बाजार में हिला नहीं
AJAY AMITABH SUMAN
भगवान
भगवान
Anil chobisa
मनका छंद ....
मनका छंद ....
sushil sarna
नाक पर दोहे
नाक पर दोहे
Subhash Singhai
फूल खिलते जा रहे हैं हो गयी है भोर।
फूल खिलते जा रहे हैं हो गयी है भोर।
surenderpal vaidya
*मोर पंख* ( 12 of 25 )
*मोर पंख* ( 12 of 25 )
Kshma Urmila
बेटियाँ
बेटियाँ
लक्ष्मी सिंह
*.....उन्मुक्त जीवन......
*.....उन्मुक्त जीवन......
Naushaba Suriya
देवमूर्ति से परे मुक्तिबोध का अक्स / MUSAFIR BAITHA
देवमूर्ति से परे मुक्तिबोध का अक्स / MUSAFIR BAITHA
Dr MusafiR BaithA
आज कल रिश्ते भी प्राइवेट जॉब जैसे हो गये है अच्छा ऑफर मिलते
आज कल रिश्ते भी प्राइवेट जॉब जैसे हो गये है अच्छा ऑफर मिलते
Rituraj shivem verma
तुम्हारी याद तो मेरे सिरहाने रखें हैं।
तुम्हारी याद तो मेरे सिरहाने रखें हैं।
Manoj Mahato
जमाना है
जमाना है
डॉ प्रवीण कुमार श्रीवास्तव, प्रेम
वेलेंटाइन डे बिना विवाह के सुहागरात के समान है।
वेलेंटाइन डे बिना विवाह के सुहागरात के समान है।
Rj Anand Prajapati
2503.पूर्णिका
2503.पूर्णिका
Dr.Khedu Bharti
तुम्हारा जिक्र
तुम्हारा जिक्र
नील पदम् Deepak Kumar Srivastava (दीपक )(Neel Padam)
कितना अजीब ये किशोरावस्था
कितना अजीब ये किशोरावस्था
Pramila sultan
Loading...