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4 Nov 2023 · 1 min read

आ गए हम तो बिना बुलाये तुम्हारे घर

आ गए हम तो, बिना बुलाये घर तुम्हारे।
नहीं थे जबकि हम तो, कोई खास तुम्हारे।।
आ गए हम तो —————————।।

तुम्हारी तो कभी नही, होगी हमारी ही बदनामी।
बदलकर रूप अपना, होश उड़ाने को तुम्हारे।।
आ गए हम तो —————————।।

तुम्हें तो फुरसत नहीं है, याद तुम हमको कर लें।
जलाने को बुझे हुए, हम शोलें तुम्हारे।।
आ गए हम तो —————————।।

देखना चाहते हो जो, नहीं है वैसी तस्वीर।
दिखाना चाहते हैं तुमको, पुराने मुखड़ें तुम्हारे।।
आ गए हम तो —————————।।

रब से दुहा हमारी है, तुमको मिले बहुत खुशियां।
नहीं होंगे हरगिज कम, फासलें हमसे तुम्हारे।।
आ गए हम तो —————————।।

शिक्षक एवं साहित्यकार
गुरुदीन वर्मा उर्फ जी.आज़ाद
तहसील एवं जिला- बारां(राजस्थान)

Language: Hindi
173 Views
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