Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
29 Apr 2023 · 1 min read

आहत न हो कोई

आहत न हो कोई, व्यवहार ऐसा रक्खो ।
मन में सदैव अपने उत्तम विचार रक्खो ।।
क्षण-क्षण के मूल्य को स्वयं पर उधार रक्खो ।
उद्देश्य पूर्ण अपने जीवन का सार रक्खो ।।

डाॅ फौज़िया नसीम शाद

Language: Hindi
7 Likes · 391 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from Dr fauzia Naseem shad
View all
You may also like:
3134.*पूर्णिका*
3134.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
लोकशैली में तेवरी
लोकशैली में तेवरी
कवि रमेशराज
* जिन्दगी की राह *
* जिन्दगी की राह *
surenderpal vaidya
बासी रोटी...... एक सच
बासी रोटी...... एक सच
Neeraj Agarwal
अंत में पैसा केवल
अंत में पैसा केवल
Aarti sirsat
इक अदा मुझको दिखाया तो करो।
इक अदा मुझको दिखाया तो करो।
सत्य कुमार प्रेमी
माधव मालती (28 मात्रा ) मापनी युक्त मात्रिक
माधव मालती (28 मात्रा ) मापनी युक्त मात्रिक
Subhash Singhai
दृढ़ निश्चय
दृढ़ निश्चय
विजय कुमार अग्रवाल
ब्रांड. . . .
ब्रांड. . . .
sushil sarna
धारण कर सत् कोयल के गुण
धारण कर सत् कोयल के गुण
Pt. Brajesh Kumar Nayak
*सागर में ही है सदा , आता भीषण ज्वार (कुंडलिया)*
*सागर में ही है सदा , आता भीषण ज्वार (कुंडलिया)*
Ravi Prakash
हत्या-अभ्यस्त अपराधी सा मुख मेरा / MUSAFIR BAITHA
हत्या-अभ्यस्त अपराधी सा मुख मेरा / MUSAFIR BAITHA
Dr MusafiR BaithA
है कश्मकश - इधर भी - उधर भी
है कश्मकश - इधर भी - उधर भी
Atul "Krishn"
अच्छा होगा
अच्छा होगा
Madhuyanka Raj
ताल-तलैया रिक्त हैं, जलद हीन आसमान,
ताल-तलैया रिक्त हैं, जलद हीन आसमान,
डॉ. शशांक शर्मा "रईस"
स्वयं का न उपहास करो तुम , स्वाभिमान की राह वरो तुम
स्वयं का न उपहास करो तुम , स्वाभिमान की राह वरो तुम
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
बिखरना
बिखरना
Dr.sima
चाहत बेहतर स्वास्थ्य की
चाहत बेहतर स्वास्थ्य की
Sunil Maheshwari
मुल्क
मुल्क
DR ARUN KUMAR SHASTRI
*किताब*
*किताब*
Dushyant Kumar
टूटकर जो बिखर जाते हैं मोती
टूटकर जो बिखर जाते हैं मोती
Sonam Puneet Dubey
पतझड़ से बसंत तक
पतझड़ से बसंत तक
ओमप्रकाश भारती *ओम्*
कोशिश करके हार जाने का भी एक सुख है
कोशिश करके हार जाने का भी एक सुख है
पूर्वार्थ
कुंवारों का तो ठीक है
कुंवारों का तो ठीक है
शेखर सिंह
स्वाद छोड़िए, स्वास्थ्य पर ध्यान दीजिए।
स्वाद छोड़िए, स्वास्थ्य पर ध्यान दीजिए।
Sanjay ' शून्य'
घरौंदा
घरौंदा
Dr. Kishan tandon kranti
एकतरफा प्यार
एकतरफा प्यार
Shekhar Chandra Mitra
अगर आप
अगर आप
Dr fauzia Naseem shad
बाबा भीमराव अम्बेडकर परिनिर्वाण दिवस
बाबा भीमराव अम्बेडकर परिनिर्वाण दिवस
Buddha Prakash
ऐसे रूठे हमसे कि कभी फिर मुड़कर भी नहीं देखा,
ऐसे रूठे हमसे कि कभी फिर मुड़कर भी नहीं देखा,
Kanchan verma
Loading...