Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
8 Jul 2023 · 1 min read

आराम का हराम होना जरूरी है

आराम का हराम होना जरूरी है
कुछ न हो ये काम होना जरूरी है
बुलंदियों तक अगर है पहुंचना तो
इश्क में नाकाम होना जरूरी है
…. ✍️ हरवंश ‘हृदय’

1 Like · 460 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
प्रेम हैं अनन्त उनमें
प्रेम हैं अनन्त उनमें
The_dk_poetry
लेशमात्र भी शर्म का,
लेशमात्र भी शर्म का,
sushil sarna
आकाश मेरे ऊपर
आकाश मेरे ऊपर
Shweta Soni
2992.*पूर्णिका*
2992.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
"चलना और रुकना"
Dr. Kishan tandon kranti
बिन गुनाहों के ही सज़ायाफ्ता है
बिन गुनाहों के ही सज़ायाफ्ता है "रत्न"
गुप्तरत्न
हाथ की लकीरें
हाथ की लकीरें
Mangilal 713
यहां से वहां फिज़ाओं मे वही अक्स फैले हुए है,
यहां से वहां फिज़ाओं मे वही अक्स फैले हुए है,
manjula chauhan
प्रेम पत्र बचाने के शब्द-व्यापारी
प्रेम पत्र बचाने के शब्द-व्यापारी
Dr MusafiR BaithA
आखरी है खतरे की घंटी, जीवन का सत्य समझ जाओ
आखरी है खतरे की घंटी, जीवन का सत्य समझ जाओ
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
#क़तआ (मुक्तक)
#क़तआ (मुक्तक)
*प्रणय प्रभात*
फ़ना
फ़ना
Atul "Krishn"
कोई जब पथ भूल जाएं
कोई जब पथ भूल जाएं
नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
जो गर्मी शीत वर्षा में भी सातों दिन कमाता था।
जो गर्मी शीत वर्षा में भी सातों दिन कमाता था।
सत्य कुमार प्रेमी
काकाको यक्ष प्रश्न ( #नेपाली_भाषा)
काकाको यक्ष प्रश्न ( #नेपाली_भाषा)
NEWS AROUND (SAPTARI,PHAKIRA, NEPAL)
उतार देती हैं
उतार देती हैं
Dr fauzia Naseem shad
आक्रोष
आक्रोष
Aman Sinha
सफ़र
सफ़र
डॉक्टर वासिफ़ काज़ी
प्रतीक्षा
प्रतीक्षा
डॉ विजय कुमार कन्नौजे
विनम्र भाव सभी के लिए मन में सदैव हो,पर घनिष्ठता सीमित व्यक्
विनम्र भाव सभी के लिए मन में सदैव हो,पर घनिष्ठता सीमित व्यक्
Paras Nath Jha
लगाकर मुखौटा चेहरा खुद का छुपाए बैठे हैं
लगाकर मुखौटा चेहरा खुद का छुपाए बैठे हैं
Gouri tiwari
हिंदी
हिंदी
Bodhisatva kastooriya
तुम्हें रूठना आता है मैं मनाना सीख लूँगा,
तुम्हें रूठना आता है मैं मनाना सीख लूँगा,
pravin sharma
ग़ज़ल
ग़ज़ल
Neelam Sharma
डॉ अरुण कुमार शास्त्री
डॉ अरुण कुमार शास्त्री
DR ARUN KUMAR SHASTRI
सभी लालच लिए हँसते बुराई पर रुलाती है
सभी लालच लिए हँसते बुराई पर रुलाती है
आर.एस. 'प्रीतम'
करते बर्बादी दिखे , भोजन की हर रोज (कुंडलिया)
करते बर्बादी दिखे , भोजन की हर रोज (कुंडलिया)
Ravi Prakash
चेहरे क्रीम पाउडर से नहीं, बल्कि काबिलियत से चमकते है ।
चेहरे क्रीम पाउडर से नहीं, बल्कि काबिलियत से चमकते है ।
Ranjeet kumar patre
.....
.....
शेखर सिंह
दिखावा
दिखावा
Swami Ganganiya
Loading...