Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
22 Sep 2016 · 1 min read

आज जो यु मिले हो तुम , थोडा अपने से लगे हो तुम

आज जो यु मिले हो तुम , थोडा अपने से लगे हो तुम
ये ख़ामोशी कुछ कहना चाह रही हो, जेसे फिर से गुम होना चाहती हो तुम !
आज ये बदल जो बरसे , फिर से भीग जाना चाहती हो तुम
आज जो यु मिले हो तुम , थोडा अपने से लगे हो तुम !
ये आंखे तुम्हे यादो में खोजती रही , शायद फिर से यादे बनना चाहती हो तुम
तुम्हारे जाने पर उलझ गए थे कुछ सवाल , शायद उन्हें सुलझाने आयी हो तुम !
आज जो यु मिले हो तुम , थोडा अपने से लगे हो तुम
BY Pratik Jangid

Language: Hindi
Tag: लेख
189 Views
You may also like:
पिता
★ IPS KAMAL THAKUR ★
इश्क रोग
Dushyant Kumar
//स्वागत है:२०२२//
Prabhudayal Raniwal
Writing Challenge- माता-पिता (Parents)
Sahityapedia
परिणति
Shyam Sundar Subramanian
Heart Wishes For The Wave.
Manisha Manjari
एक था रवीश कुमार
Shekhar Chandra Mitra
"शुभ श्रीकृष्ण जन्माष्टमी" प्यारे कन्हैया बंशी बजइया
Mahesh Tiwari 'Ayen'
जैसी करनी वैसी भरनी
Ashish Kumar
काश!
Rashmi Sanjay
ईश्वर की परछाई
AMRESH KUMAR VERMA
पर्यावरण
विजय कुमार 'विजय'
वापस लौट नहीं आना...
डॉ.सीमा अग्रवाल
ध्यान
विशाल शुक्ल
ख्वाब
Anamika Singh
ज़िंदगी हमको
Dr fauzia Naseem shad
ग़ज़ल सगीर
डॉ सगीर अहमद सिद्दीकी Dr SAGHEER AHMAD
विश्व वरिष्ठ नागरिक दिवस
Ram Krishan Rastogi
"कुछ तो गुन-गुना रही हो"☺️
Lohit Tamta
" अत्याचारी युद्ध "
Dr Meenu Poonia
*फिर बंसी बजाओ रे (भक्ति गीतिका )*
Ravi Prakash
'चाँद गगन में'
Godambari Negi
मां की ममता
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
💐संसारे कः अपि स्व न💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
गं गणपत्ये! जय कमले!
श्री रमण 'श्रीपद्'
इश्क में तुम्हारे गिरफ्तार हो गए।
Taj Mohammad
आशियाना मेरा ढह गया
Seema 'Tu hai na'
माँ अन्नपूर्णा
Shashi kala vyas
तुम अगर हो पास मेरे
gurudeenverma198
धूल जिसकी चंदन है भाल पर सजाते हैं।
सत्य कुमार प्रेमी
Loading...