Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
1 Sep 2016 · 1 min read

” आज उमड़ जाने दो “

पलकों पर रुका है सागर जो ,
उसे आज उमड़ जाने दो.
कि इस ज्वार को रोको नही ,
उसे आज मचल जाने दो .
ये जो लहरें बावरी सी हो ,
मचल रही गगन से मिलने को .
कि आज इन लहरों को ,
गगन से मिल जाने दो.
भावनाओं की दरिया को ,
आज बह जाने दो .
कि मन तरंगो को रोको नही ,
उसे आज उन्मुक्त हो जाने दो .
…निधि …

Language: Hindi
1 Like · 1 Comment · 267 Views
Join our official announcements group on Whatsapp & get all the major updates from Sahityapedia directly on Whatsapp.

Books from डा0 निधि श्रीवास्तव "सरोद"

You may also like:
*मगर चलने में अपने पैर से ही चाल आती है (मुक्तक)*
*मगर चलने में अपने पैर से ही चाल आती है (मुक्तक)*
Ravi Prakash
चांद बहुत रोया
चांद बहुत रोया
Surinder blackpen
बिगड़े रईस
बिगड़े रईस
Satish Srijan
हमे यार देशी पिला दो किसी दिन।
हमे यार देशी पिला दो किसी दिन।
विजय कुमार नामदेव
कोई इंसान अगर चेहरे से खूबसूरत है
कोई इंसान अगर चेहरे से खूबसूरत है
ruby kumari
"मेरा भोला बाबा"
Dr Meenu Poonia
सितम गर हुआ है।
सितम गर हुआ है।
Taj Mohammad
रंगोत्सव की हार्दिक बधाई-
रंगोत्सव की हार्दिक बधाई-
डाॅ. बिपिन पाण्डेय
कर दिया है राम,तुमको बहुत बदनाम
कर दिया है राम,तुमको बहुत बदनाम
gurudeenverma198
खुदी में मगन हूँ, दिले-शाद हूँ मैं
खुदी में मगन हूँ, दिले-शाद हूँ मैं
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
औरन को परखन चले, खुद की चिंता भूल।
औरन को परखन चले, खुद की चिंता भूल।
श्याम सरीखे
नित नए संघर्ष करो (मजदूर दिवस)
नित नए संघर्ष करो (मजदूर दिवस)
श्री रमण 'श्रीपद्'
दूर तक आ गए मुश्किल लग रही है वापसी
दूर तक आ गए मुश्किल लग रही है वापसी
गुप्तरत्न
सफलता और सुख  का मापदण्ड स्वयं निर्धारित करनांआवश्यक है वरना
सफलता और सुख का मापदण्ड स्वयं निर्धारित करनांआवश्यक है वरना
Leena Anand
बड़े मिनरल वाटर पी निहाल : उमेश शुक्ल के हाइकु
बड़े मिनरल वाटर पी निहाल : उमेश शुक्ल के हाइकु
Umesh उमेश शुक्ल Shukla
✍️दोस्ती ✍️
✍️दोस्ती ✍️
Vaishnavi Gupta (Vaishu)
Hero of your parents 🦸
Hero of your parents 🦸
ASHISH KUMAR SINGH
गंदा धंधा
गंदा धंधा
नील पदम् Deepak Kumar Srivastava (दीपक )(Neel Padam)
💐प्रेम कौतुक-465💐
💐प्रेम कौतुक-465💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
बेटी की बिदाई
बेटी की बिदाई
Naresh Sagar
शांति दूत वह बुद्ध प्रतीक ।
शांति दूत वह बुद्ध प्रतीक ।
Buddha Prakash
'समय की सीख'
'समय की सीख'
Dr. Asha Kumar Rastogi M.D.(Medicine),DTCD
शायरी
शायरी
श्याम सिंह बिष्ट
गिर गिर कर हुआ खड़ा...
गिर गिर कर हुआ खड़ा...
AMRESH KUMAR VERMA
आदिकवि सरहपा।
आदिकवि सरहपा।
Acharya Rama Nand Mandal
■ आज की भविष्यवाणी...
■ आज की भविष्यवाणी...
*Author प्रणय प्रभात*
दिल में उम्मीदों का चराग़ लिए
दिल में उम्मीदों का चराग़ लिए
_सुलेखा.
Jis waqt dono waqt mile
Jis waqt dono waqt mile
shabina. Naaz
तुम्हारी आंखों का रंग हमे भाता है
तुम्हारी आंखों का रंग हमे भाता है
ठाकुर प्रतापसिंह "राणाजी"
सोचो यदि रंगों में ऐसी रंगत नहीं होती
सोचो यदि रंगों में ऐसी रंगत नहीं होती
Khem Kiran Saini
Loading...