Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
6 May 2023 · 1 min read

आगे बढ़ना है जिन्हें, सीखें चमचा-ज्ञान (कुंडलिया )

आगे बढ़ना है जिन्हें, सीखें चमचा-ज्ञान (कुंडलिया )
_______________________________
आगे बढ़ना है जिन्हें , सीखें चमचा – ज्ञान
चमचा सबसे है बड़ा , चमचा सिर्फ महान
चमचा सिर्फ महान , सदा डोंगे में रहता
हॉं जी हॉं जी रोज, सिर्फ डोंगे की कहता
कहते रवि कविराय, छोड़कर कभी न भागे
डोंगे ही के साथ , दीखता पीछे आगे
*********************************
रचयिता :रवि प्रकाश
बाजार सर्राफा, रामपुर, उत्तर प्रदेश
मोबाइल 99976 15451

799 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from Ravi Prakash
View all
You may also like:
सनातन
सनातन
देवेंद्र प्रताप वर्मा 'विनीत'
सफलता यूं ही नहीं मिल जाती है।
सफलता यूं ही नहीं मिल जाती है।
नेताम आर सी
"सवाल"
Dr. Kishan tandon kranti
Converse with the powers
Converse with the powers
Dhriti Mishra
सफ़ेद चमड़ी और सफेद कुर्ते से
सफ़ेद चमड़ी और सफेद कुर्ते से
Harminder Kaur
जल रहे अज्ञान बनकर, कहेें मैं शुभ सीख हूँ
जल रहे अज्ञान बनकर, कहेें मैं शुभ सीख हूँ
Pt. Brajesh Kumar Nayak
King of the 90s - Television
King of the 90s - Television
Bindesh kumar jha
साल को बीतता देखना।
साल को बीतता देखना।
Brijpal Singh
तुम याद आए
तुम याद आए
Rashmi Sanjay
गिल्ट
गिल्ट
आकांक्षा राय
Suno
Suno
पूर्वार्थ
कुछ बच्चों के परीक्षा परिणाम आने वाले है
कुछ बच्चों के परीक्षा परिणाम आने वाले है
ओनिका सेतिया 'अनु '
तुझे देखने को करता है मन
तुझे देखने को करता है मन
Rituraj shivem verma
// स्वर सम्राट मुकेश जन्म शती वर्ष //
// स्वर सम्राट मुकेश जन्म शती वर्ष //
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
काश
काश
लक्ष्मी सिंह
अंतिम साँझ .....
अंतिम साँझ .....
sushil sarna
■ यक़ीन मानिए...
■ यक़ीन मानिए...
*प्रणय प्रभात*
अहंकार का एटम
अहंकार का एटम
डॉ०छोटेलाल सिंह 'मनमीत'
तेरी चाहत हमारी फितरत
तेरी चाहत हमारी फितरत
Dr. Man Mohan Krishna
"मोहे रंग दे"
Ekta chitrangini
जी करता है , बाबा बन जाऊं – व्यंग्य
जी करता है , बाबा बन जाऊं – व्यंग्य
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
तकते थे हम चांद सितारे
तकते थे हम चांद सितारे
Suryakant Dwivedi
कूच-ए-इश्क़ में मुहब्बत की कलियां बिखराते रहना,
कूच-ए-इश्क़ में मुहब्बत की कलियां बिखराते रहना,
डॉ. शशांक शर्मा "रईस"
लौट कर न आएगा
लौट कर न आएगा
Dr fauzia Naseem shad
जिन्दगी की किताब में
जिन्दगी की किताब में
Mangilal 713
2812. *पूर्णिका*
2812. *पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
दुकान वाली बुढ़िया
दुकान वाली बुढ़िया
अभिषेक पाण्डेय 'अभि ’
प्रेम
प्रेम
Acharya Rama Nand Mandal
जिंदगी को बोझ मान
जिंदगी को बोझ मान
भरत कुमार सोलंकी
कंठ तक जल में गड़ा, पर मुस्कुराता है कमल ।
कंठ तक जल में गड़ा, पर मुस्कुराता है कमल ।
Satyaveer vaishnav
Loading...