Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
29 Mar 2023 · 1 min read

आईना प्यार का क्यों देखते हो

आईना प्यार का क्यों देखते हो
देखना है तो आंखों में प्यार देखो

47 Views
Join our official announcements group on Whatsapp & get all the major updates from Sahityapedia directly on Whatsapp.
You may also like:
💐प्रेम कौतुक-537💐
💐प्रेम कौतुक-537💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
जिंदगी का सफर बिन तुम्हारे कैसे कटे
जिंदगी का सफर बिन तुम्हारे कैसे कटे
VINOD KUMAR CHAUHAN
त्रुटि ( गलती ) किसी परिस्थितिजन्य किया गया कृत्य भी हो सकता
त्रुटि ( गलती ) किसी परिस्थितिजन्य किया गया कृत्य भी हो सकता
Leena Anand
जो हर पल याद आएगा
जो हर पल याद आएगा
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
*राजनीति का अर्थ तंत्र में, अब घुसपैठ दलाली है 【मुक्तक】*
*राजनीति का अर्थ तंत्र में, अब घुसपैठ दलाली है 【मुक्तक】*
Ravi Prakash
जिस के नज़र में पूरी दुनिया गलत है ?
जिस के नज़र में पूरी दुनिया गलत है ?
Sandeep Mishra
आज भी औरत जलती है
आज भी औरत जलती है
Shekhar Chandra Mitra
किसने तेरा साथ दिया है
किसने तेरा साथ दिया है
gurudeenverma198
ये भी सच है के हम नही थे बेइंतेहा मशहूर
ये भी सच है के हम नही थे बेइंतेहा मशहूर
'अशांत' शेखर
बीड़ी की बास
बीड़ी की बास
नील पदम् Deepak Kumar Srivastava (दीपक )(Neel Padam)
नववर्ष तुम्हे मंगलमय हो
नववर्ष तुम्हे मंगलमय हो
Ram Krishan Rastogi
एक अच्छी हीलर, उपचारक होती हैं स्त्रियां
एक अच्छी हीलर, उपचारक होती हैं स्त्रियां
Manu Vashistha
बचपन की सुनहरी यादें.....
बचपन की सुनहरी यादें.....
Awadhesh Kumar Singh
यहां कोई बेरोजगार नहीं हर कोई अपना पक्ष मजबूत करने में लगा ह
यहां कोई बेरोजगार नहीं हर कोई अपना पक्ष मजबूत करने में लगा ह
ब्रजनंदन कुमार 'विमल'
शेयर मार्केट में पैसा कैसे डूबता है ?
शेयर मार्केट में पैसा कैसे डूबता है ?
Rakesh Bahanwal
बदले-बदले गाँव / (नवगीत)
बदले-बदले गाँव / (नवगीत)
ईश्वर दयाल गोस्वामी
चांदनी की बरसात के साये में चलते
चांदनी की बरसात के साये में चलते
Dr. Rajiv
अपनों की भीड़ में भी
अपनों की भीड़ में भी
Dr fauzia Naseem shad
"तोल के बोल"
Dr. Kishan tandon kranti
कलयुगी दोहावली
कलयुगी दोहावली
Prakash Chandra
मेरी कलम से…
मेरी कलम से…
Anand Kumar
■ बोलती तस्वीर
■ बोलती तस्वीर
*Author प्रणय प्रभात*
पुस्तकों से प्यार
पुस्तकों से प्यार
surenderpal vaidya
ये रिश्ते हैं।
ये रिश्ते हैं।
Taj Mohammad
भौतिकता
भौतिकता
लक्ष्मी सिंह
जब हासिल हो जाए तो सब ख़ाक़ बराबर है
जब हासिल हो जाए तो सब ख़ाक़ बराबर है
Vishal babu (vishu)
तुम्हें ना भूल पाऊँगी, मधुर अहसास रक्खूँगी।
तुम्हें ना भूल पाऊँगी, मधुर अहसास रक्खूँगी।
डॉ.सीमा अग्रवाल
जरूरी नहीं राहें पहुँचेगी सारी,
जरूरी नहीं राहें पहुँचेगी सारी,
Satish Srijan
कैसे गाऊँ गीत मैं, खोया मेरा प्यार
कैसे गाऊँ गीत मैं, खोया मेरा प्यार
Dr Archana Gupta
हमें सूरज की तरह चमकना है, सब लोगों के दिलों में रहना है,
हमें सूरज की तरह चमकना है, सब लोगों के दिलों में रहना है,
DrLakshman Jha Parimal
Loading...