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19 Oct 2023 · 1 min read

आंखों को मल गए

ऐसी थी बेख़्याली,
कि आँखों को मल गए ।
हक़ीक़त की आंच से,
सब ख़्वाब जल गए ।।

डाॅ फौज़िया नसीम शाद

Language: Hindi
8 Likes · 284 Views
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