Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
2 Nov 2023 · 1 min read

*अहमब्रह्मास्मि9*

शीर्षक —- अहम ब्रह्मास्मि
विधा —— छंद मुक्त अतुकांत काव्य
डॉ अरुण कुमार शास्त्री

एके साधे सब सधे ,
सब साधे सब जाएँ ।
अपने अपने इष्ट सभी के ,
काहे दुख तू पाएँ ?
क्या तेरा क्या मेरा जग में ?
कुछ भी साथ न जाए ।
रुपया पैसा जमीन जायदाद ,
सभी यहीं रह जाये रे बबुआ ।
सभी यहीं रह जाए ।
जैसी करनी वैसी भरनी ।
ये जग माया जाल की गठरी ,
फिर काहे पछताए ?
राम नाम को मन धारण कर ,
सीधा सरल उपाय रे बबुआ ।
सीधा सरल उपाय ।
पूजा करना स्वाभाविक गुण ,
पूजा कर्म मनुज की थाती ।
पूजा करने से जीवन में ,
सुख शांति समृद्धि आती ।
केवल यही उपाय रे बबुआ ,
केवल यही उपाय ।
अपने अपने इष्ट, सभी के ,
काहे दुख तू पाए ?
तन के जोगी मन के रोगी ,
चिन्ता चित में व्याप्त ।
लोक लाज को छोड़कर, करें
व्यसन क्यों आज ?
ईश कृपा तो चाहिए भज मन तू भगवान ।
बुरे संग तू त्याग दे , ले सत्संग का साथ ।

Language: Hindi
1 Like · 286 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from DR ARUN KUMAR SHASTRI
View all
You may also like:
अभिमानी सागर कहे, नदिया उसकी धार।
अभिमानी सागर कहे, नदिया उसकी धार।
Suryakant Dwivedi
देख बहना ई कैसा हमार आदमी।
देख बहना ई कैसा हमार आदमी।
सत्य कुमार प्रेमी
ग़ज़ल
ग़ज़ल
आर.एस. 'प्रीतम'
*
*"राम नाम रूपी नवरत्न माला स्तुति"
Shashi kala vyas
ऐ जिंदगी तू कब तक?
ऐ जिंदगी तू कब तक?
Taj Mohammad
Change is hard at first, messy in the middle, gorgeous at th
Change is hard at first, messy in the middle, gorgeous at th
पूर्वार्थ
वो लड़का
वो लड़का
bhandari lokesh
यादों की किताब बंद करना कठिन है;
यादों की किताब बंद करना कठिन है;
Dr. Upasana Pandey
दो कदम लक्ष्य की ओर लेकर चलें।
दो कदम लक्ष्य की ओर लेकर चलें।
surenderpal vaidya
जीवन के पल दो चार
जीवन के पल दो चार
Bodhisatva kastooriya
आफ़त
आफ़त
सुशील कुमार सिंह "प्रभात"
वक्त
वक्त
लक्ष्मी वर्मा प्रतीक्षा
■ बेमन की बात...
■ बेमन की बात...
*Author प्रणय प्रभात*
खुद को मैंने कम उसे ज्यादा लिखा। जीस्त का हिस्सा उसे आधा लिखा। इश्क में उसके कृष्णा बन गया। प्यार में अपने उसे राधा लिखा
खुद को मैंने कम उसे ज्यादा लिखा। जीस्त का हिस्सा उसे आधा लिखा। इश्क में उसके कृष्णा बन गया। प्यार में अपने उसे राधा लिखा
डॉ सगीर अहमद सिद्दीकी Dr SAGHEER AHMAD
प्रेममे जे गम्भीर रहै छैप्राय: खेल ओेकरे साथ खेल खेलाएल जाइ
प्रेममे जे गम्भीर रहै छैप्राय: खेल ओेकरे साथ खेल खेलाएल जाइ
गजेन्द्र गजुर ( Gajendra Gajur )
दोहा
दोहा
डाॅ. बिपिन पाण्डेय
मुफलिसो और बेकशों की शान में मेरा ईमान बोलेगा।
मुफलिसो और बेकशों की शान में मेरा ईमान बोलेगा।
Phool gufran
चल फिर इक बार मिलें हम तुम पहली बार की तरह।
चल फिर इक बार मिलें हम तुम पहली बार की तरह।
Neelam Sharma
महापुरुषों की सीख
महापुरुषों की सीख
Dr. Pradeep Kumar Sharma
💐अज्ञात के प्रति-35💐
💐अज्ञात के प्रति-35💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
رَہے ہَمیشَہ اَجْنَبی
رَہے ہَمیشَہ اَجْنَبی
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
कितने आसान थे सम्झने में
कितने आसान थे सम्झने में
Dr fauzia Naseem shad
एक नई उम्मीद
एक नई उम्मीद
Srishty Bansal
"सदियाँ गुजर गई"
Dr. Kishan tandon kranti
*पलटते बाजी आँसू (कुंडलिया)*
*पलटते बाजी आँसू (कुंडलिया)*
Ravi Prakash
जीवन बरगद कीजिए
जीवन बरगद कीजिए
Mahendra Narayan
बन नेक बन्दे रब के
बन नेक बन्दे रब के
Satish Srijan
गलतियां
गलतियां
Dr Parveen Thakur
23/103.*छत्तीसगढ़ी पूर्णिका*
23/103.*छत्तीसगढ़ी पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
बोलो ! ईश्वर / (नवगीत)
बोलो ! ईश्वर / (नवगीत)
ईश्वर दयाल गोस्वामी
Loading...