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7 Jul 2016 · 1 min read

~~!!अबोध बालपन!!~~

~~!!अबोध बालपन!!~~
*******************
“स्वयं के,
असुरक्षित भविष्य से,
अनजान!

गैर जिम्मेदाराना,
परवरिश से,
हैरान!

बचपन नादान,
है कैसा यह
विधि का विक्षिप्त विधान!!”____दुर्गेश वर्मा

Language: Hindi
642 Views
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