Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Write
Notifications
Wall of Fame
Aug 7, 2016 · 1 min read

अपनी ग़ज़लों को,,

अपनी ग़ज़लों को रिसालों से अलग रखता हूँ,
यानी ये फूल ,किताबों से अलग रखता हूँ,

हाँ बुज़ुर्गों से अकीदत तो मुझे है लेकिन,
मुश्किलें अपनी, मज़ारों से अलग रखता हूँ,

मंज़िलें आ के मेरे पाँव में गिर जाती हैं,
होंसला जब,में थकानों से अलग रखता हूँ,

उनकी आमद का पता देती है खुशबु उनकी,
उस घडी खुद को जहानों से अलग रखता हूँ,

होश वाले मुझे अपनों में गिना करते हैं,
में कहाँ खुद को दिवानो से अलग रखता हूँ,

मुझको अच्छा नहीं लगता ये उमीदें टूटें,
इस लिए तीर कमानों से अलग रखता हूँ

——–अशफ़ाक़ रशीद..

172 Views
You may also like:
'आप नहीं आएंगे अब पापा'
alkaagarwal.ag
पिताजी
विनोद शर्मा सागर
श्रीयुत अटलबिहारी जी
Pt. Brajesh Kumar Nayak
मै जलियांवाला बाग बोल रहा हूं
Ram Krishan Rastogi
💐💐स्वरूपे कोलाहल: नैव💐💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
कन्यादान क्यों और किसलिए [भाग ७]
Anamika Singh
मेरी गुड़िया (संस्मरण)
Kanchan Khanna
शब्द बिन, नि:शब्द होते,दिख रहे, संबंध जग में।
संजीव शुक्ल 'सचिन'
क्यों ना नये अनुभवों को अब साथ करें?
Manisha Manjari
बोलती आँखे...
मनोज कर्ण
🌻🌻🌸"इतना क्यों बहका रहे हो,अपने अन्दाज पर"🌻🌻🌸
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
भारतवर्ष स्वराष्ट्र पूर्ण भूमंडल का उजियारा है
Pt. Brajesh Kumar Nayak
!! ये पत्थर नहीं दिल है मेरा !!
Arise DGRJ (Khaimsingh Saini)
मां
Dr. Rajeev Jain
“ सज्जन चोर ”
DrLakshman Jha Parimal
बेजुबान
Dhirendra Panchal
" मां" बच्चों की भाग्य विधाता
rubichetanshukla रुबी चेतन शुक्ला
ईश्वर की परछाई
AMRESH KUMAR VERMA
लौट आई जिंदगी बेटी बनकर!
ज्ञानीचोर ज्ञानीचोर
मरते वक्त उसने।
Taj Mohammad
नयी बहुरिया घर आयी*
Dr. Sunita Singh
✍️✍️रूपया✍️✍️
"अशांत" शेखर
मेरा स्वाभिमान है पिता।
Taj Mohammad
पिता हैं धरती का भगवान।
Vindhya Prakash Mishra
दादी मां की बहुत याद आई
VINOD KUMAR CHAUHAN
ग्रीष्म ऋतु भाग ३
Vishnu Prasad 'panchotiya'
खता क्या हुई मुझसे
Krishan Singh
जिन्दगी की रफ़्तार
मनोज कर्ण
विवश मनुष्य
AMRESH KUMAR VERMA
बच्चों के पिता
Dr. Kishan Karigar
Loading...