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Aug 3, 2022 · 1 min read

अपनी कहानी

कहानी
सबकी होती है
पर अपनी कहानी
किरदार खुद चुन लो
तो भी कभी
भागती है झरोखे से
खिड़की से
यह दरवाजे के नीचे से
कभी ठहर जाती है
समुंदर सी
कुछ भी हो
अपनी कहानी का
मुख्य किरदार
खुद को ही रखना,
नासमझी है
खुद को सहायक की
भूमिका में देखना
और अपनी कहानी की
मुख्य भूमिका किसी
और को दे देना
यह बिल्कुल वैसा ही है
जैसे अंत तक पहुंच कर
आरंभ करना।

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