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30 May 2016 · 1 min read

अनगिनत चाहत

हमारे दिल में रहती हैं , हमेशा अनगिनत चाहत
न लेने चैन देती ये , करें हर पल हमें आहत
न हर चाहा यहाँ मिलता , हमें मालूम है लेकिन
अगर इच्छायें पूरी हों , तो’ दिल पाता बहुत राहत

डॉ अर्चना गुप्ता

Language: Hindi
Tag: मुक्तक
294 Views
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