Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
12 Jan 2023 · 1 min read

अतीत का गौरव गान

किसी को नहीं भक्त
अंध होना चाहिए!
सबका अपना-अपना
छंद होना चाहिए!!
अतीत मर चुका है
अतीत सड़ चुका है!
उसका गौरव गान
बंद होना चाहिए!!
#विवेकानंद #पंडितारमाबाई
#धर्म #जाति #वर्ण #संस्कृति
#सभ्यता #YOUTH #shudra
#Vivekananda #शूद्र #स्त्री
#मनुस्मृति #अछूत #देवदासी

Language: Hindi
420 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
नारी तू नारायणी
नारी तू नारायणी
Dr.Pratibha Prakash
कहानी
कहानी
कवि रमेशराज
■ शर्म भी कर लो।
■ शर्म भी कर लो।
*Author प्रणय प्रभात*
आईना
आईना
Sûrëkhâ
माँ...की यादें...।
माँ...की यादें...।
Awadhesh Kumar Singh
फ़र्ज़ ...
फ़र्ज़ ...
Shaily
रोला छंद
रोला छंद
sushil sarna
किसी को घर, तो किसी को रंग महलों में बुलाती है,
किसी को घर, तो किसी को रंग महलों में बुलाती है,
डॉ. शशांक शर्मा "रईस"
बिन माचिस के आग लगा देते हैं
बिन माचिस के आग लगा देते हैं
Ram Krishan Rastogi
शिवोहं
शिवोहं
नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
वो तसव्वर ही क्या जिसमें तू न हो
वो तसव्वर ही क्या जिसमें तू न हो
Mahendra Narayan
पैसा बोलता है
पैसा बोलता है
Mukesh Kumar Sonkar
शुम प्रभात मित्रो !
शुम प्रभात मित्रो !
Mahesh Jain 'Jyoti'
बिगड़ी किश्मत बन गयी मेरी,
बिगड़ी किश्मत बन गयी मेरी,
Satish Srijan
बुद्धिमान बनो
बुद्धिमान बनो
ओमप्रकाश भारती *ओम्*
रहे_ ना _रहे _हम सलामत रहे वो,
रहे_ ना _रहे _हम सलामत रहे वो,
कृष्णकांत गुर्जर
रिश्तों से अब स्वार्थ की गंध आने लगी है
रिश्तों से अब स्वार्थ की गंध आने लगी है
Bhupendra Rawat
जिस दिन अपने एक सिक्के पर भरोसा हो जायेगा, सच मानिए आपका जीव
जिस दिन अपने एक सिक्के पर भरोसा हो जायेगा, सच मानिए आपका जीव
Sanjay ' शून्य'
*नगर अयोध्या ने अपना फिर, वैभव शुचि साकार कर लिया(हिंदी गजल)
*नगर अयोध्या ने अपना फिर, वैभव शुचि साकार कर लिया(हिंदी गजल)
Ravi Prakash
पयसी
पयसी
DR ARUN KUMAR SHASTRI
फिर बैठ गया हूं, सांझ के साथ
फिर बैठ गया हूं, सांझ के साथ
Smriti Singh
वो अपनी जिंदगी में गुनहगार समझती है मुझे ।
वो अपनी जिंदगी में गुनहगार समझती है मुझे ।
शिव प्रताप लोधी
आज फिर किसी की बातों ने बहकाया है मुझे,
आज फिर किसी की बातों ने बहकाया है मुझे,
Vishal babu (vishu)
जाने दिया
जाने दिया
Kunal Prashant
सवाल ये नहीं
सवाल ये नहीं
Dr fauzia Naseem shad
"मानो या न मानो"
Dr. Kishan tandon kranti
कभी हुनर नहीं खिलता
कभी हुनर नहीं खिलता
नील पदम् Deepak Kumar Srivastava (दीपक )(Neel Padam)
मोहब्बत से जिए जाना ज़रूरी है ज़माने में
मोहब्बत से जिए जाना ज़रूरी है ज़माने में
Johnny Ahmed 'क़ैस'
विवेकवान मशीन
विवेकवान मशीन
Sandeep Pande
निकले थे चांद की तलाश में
निकले थे चांद की तलाश में
Dushyant Kumar Patel
Loading...