Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
17 Aug 2023 · 1 min read

*अज्ञानी की कलम*

अज्ञानी की कलम

तरतें वो रघुनाथ का सहारा
न पाये जो।
व्यर्थ जीवन गंवाये सुमार्ग
न जाये जो।।
ईश्वर अंश मां बाप को न
मना सका,
बाद मरने के जग को जीवाये जो।।
हमीं हस्तों हमीं हस्तों मां
बाप यहीं पे,
तिरिया ने जो नर को कुमार्ग पर दिखाया जो।।
स्वार्थो में आज आदमी अंधा
बना हुआ,
अंधों की दौड़ में वह प्रति
भाग लिये जो।।
सम्पूर्णानन्द बना फिर रहा
सारे जहान में,
मुर्खो कि बस्ती का यह मुखिया
बना है जो।।
गर्दिश में दिन गुजारके फांके
करते हम,
खुद से कभी मिलने कि फुर्सत से लिए है जो।।
अपना न कोई घर न कोई
ठिकाना बना सके,
अज्ञानी परिस्थितियों बस
किये जा रहें हैं जो।।

जूनियर झनक कैलाश अज्ञानी झांसी बुन्देलखण्ड

144 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
मुक्तक
मुक्तक
महेश चन्द्र त्रिपाठी
इश्क़ में ज़हर की ज़रूरत नहीं है बे यारा,
इश्क़ में ज़हर की ज़रूरत नहीं है बे यारा,
शेखर सिंह
फाउंटेन पेन (बाल कविता )
फाउंटेन पेन (बाल कविता )
Ravi Prakash
श्रेष्ठ विचार और उत्तम संस्कार ही आदर्श जीवन की चाबी हैं।।
श्रेष्ठ विचार और उत्तम संस्कार ही आदर्श जीवन की चाबी हैं।।
Lokesh Sharma
नर को न कभी कार्य बिना
नर को न कभी कार्य बिना
जूनियर झनक कैलाश अज्ञानी झाँसी
बुरा जो देखन मैं चला, बुरा न मिलिया कोय।
बुरा जो देखन मैं चला, बुरा न मिलिया कोय।
डा. सूर्यनारायण पाण्डेय
"" *बसंत बहार* ""
सुनीलानंद महंत
🩸🔅🔅बिंदी🔅🔅🩸
🩸🔅🔅बिंदी🔅🔅🩸
Dr. Vaishali Verma
जब भी बुलाओ बेझिझक है चली आती।
जब भी बुलाओ बेझिझक है चली आती।
Ahtesham Ahmad
क्या पता मैं शून्य न हो जाऊं
क्या पता मैं शून्य न हो जाऊं
The_dk_poetry
हम दुसरों की चोरी नहीं करते,
हम दुसरों की चोरी नहीं करते,
Dr. Man Mohan Krishna
"सुरेंद्र शर्मा, मरे नहीं जिन्दा हैं"
Anand Kumar
ज़िंदगी - एक सवाल
ज़िंदगी - एक सवाल
Shyam Sundar Subramanian
आओ कृष्णा !
आओ कृष्णा !
Om Prakash Nautiyal
उड़ान
उड़ान
राजीव नामदेव 'राना लिधौरी'
3270.*पूर्णिका*
3270.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
यूँ  भी  हल्के  हों  मियाँ बोझ हमारे  दिल के
यूँ भी हल्के हों मियाँ बोझ हमारे दिल के
Sarfaraz Ahmed Aasee
झूठ
झूठ
Dr. Pradeep Kumar Sharma
कई जिंदगियां महफूज़ रहती हैं,
कई जिंदगियां महफूज़ रहती हैं,
डॉ. शशांक शर्मा "रईस"
मातृभूमि
मातृभूमि
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
बस यूँ ही...
बस यूँ ही...
Neelam Sharma
भभक
भभक
Dr.Archannaa Mishraa
"पत्थर"
Dr. Kishan tandon kranti
माँ महागौरी है नमन
माँ महागौरी है नमन
ओम प्रकाश श्रीवास्तव
शुद्धता का नया पाठ / MUSAFIR BAITHA
शुद्धता का नया पाठ / MUSAFIR BAITHA
Dr MusafiR BaithA
ग़ज़ल- मशालें हाथ में लेकर ॲंधेरा ढूॅंढने निकले...
ग़ज़ल- मशालें हाथ में लेकर ॲंधेरा ढूॅंढने निकले...
अरविन्द राजपूत 'कल्प'
कर बैठे कुछ और हम
कर बैठे कुछ और हम
Basant Bhagawan Roy
जब काँटों में फूल उगा देखा
जब काँटों में फूल उगा देखा
VINOD CHAUHAN
■ चाहें जब...
■ चाहें जब...
*प्रणय प्रभात*
नहीं देखा....🖤
नहीं देखा....🖤
Srishty Bansal
Loading...