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23 Aug 2023 · 1 min read

*अज्ञानी की कलम*

अज्ञानी की कलम
बैगेरत हुआ जग से यह जान तो गया।
नफ़रत भरी निगाहें जग जान तो गया।।
न मानें अज्ञानी समझाने का फर्ज़ है।
इंसानियत अब ये जग भूलान सा गया।।

जूनियर झनक कैलाश अज्ञानी झांसी उ•प्र•

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