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30 Aug 2016 · 1 min read

अगरचे मैला साधू संत का किरदार हो जाये—- गज़ल

अगरचे मैला साधू संत का किरदार हो जाये
तो मजहब धर्म सब उसके लिये व्यापार हो जाए

लडाई हक की जो लडता रहा ताउम्र दुनिया मे
वो आने वाली नस्लों के लिये अन्वार हो जाये

रहो न बेखबर इन शहद सी गुफ्तार वालों से—
जुबाने ए शीर भी मुमकिन है कि तलवार हो जाये

न जाएगा कभी कूए मलामत जहन लोगों का
सिहाकारी का गर्चे रास्ता हमवार हो जाये—-

मजाल इतनी है दुश्मन की चला जाये वो करके वार
ये मुमकिन है तभी जब राजदां गद्दार हो जाये

अनाथों और’गरीबों की ‌मदद कर क्या‌ पता‌ निर्मल
शजर ये नेकिओं का हश्र मे फलदार हो जाये

2 Comments · 334 Views
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