Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
10 May 2024 · 1 min read

*”अक्षय तृतीया”*

“अक्षय तृतीया”
अक्षयपात्र,
कभी न होता खाली,
जीवनदान।
*************************
अक्षय जल,
है मिट्टी का मटका,
दे जलपान।
*************************
अक्षय फल,
है आम, तरबूज ,
है रसपान।
*************************
अक्षय ज्ञान,
है शिक्षा प्रदान,
ये महादान।
*************************
अक्षय ऊर्जा,
पेड़ पौधें लगाते ,
दे जलदान।
************************
अक्षय तिथि,
है सत्तू खिलाकर,
सतुवा दान।
**********************
अक्षय ऋण,
दान से बढ़कर ,
कुछ भी नहीं।
**********************
माँ अन्नपूर्णा,
शंकर लेते भिक्षा,
अक्षय दान।
**********************
शशिकला व्यास ✍️

61 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
देख भाई, ये जिंदगी भी एक न एक दिन हमारा इम्तिहान लेती है ,
देख भाई, ये जिंदगी भी एक न एक दिन हमारा इम्तिहान लेती है ,
Dr. Man Mohan Krishna
विचार
विचार
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
पापा आपकी बहुत याद आती है !
पापा आपकी बहुत याद आती है !
Kuldeep mishra (KD)
नाकाम मुहब्बत
नाकाम मुहब्बत
Shekhar Chandra Mitra
देख लूँ गौर से अपना ये शहर
देख लूँ गौर से अपना ये शहर
Shweta Soni
झर-झर बरसे नयन हमारे ज्यूँ झर-झर बदरा बरसे रे
झर-झर बरसे नयन हमारे ज्यूँ झर-झर बदरा बरसे रे
हरवंश हृदय
अच्छे दोस्त भी अब आंखों में खटकने लगे हैं,
अच्छे दोस्त भी अब आंखों में खटकने लगे हैं,
डॉ. शशांक शर्मा "रईस"
गाँव बदलकर शहर हो रहा
गाँव बदलकर शहर हो रहा
रवि शंकर साह
*काल क्रिया*
*काल क्रिया*
DR ARUN KUMAR SHASTRI
मेरी सच्चाई को बकवास समझती है
मेरी सच्चाई को बकवास समझती है
Keshav kishor Kumar
पहले पता है चले की अपना कोन है....
पहले पता है चले की अपना कोन है....
कवि दीपक बवेजा
17रिश्तें
17रिश्तें
Dr Shweta sood
ख्वाब
ख्वाब
Dinesh Kumar Gangwar
क्या अच्छा क्या है बुरा,सबको है पहचान।
क्या अच्छा क्या है बुरा,सबको है पहचान।
Manoj Mahato
ख्वाब उसका पूरा नहीं हुआ
ख्वाब उसका पूरा नहीं हुआ
gurudeenverma198
जल संरक्षण
जल संरक्षण
Preeti Karn
अब वो मुलाकात कहाँ
अब वो मुलाकात कहाँ
Dr. Ramesh Kumar Nirmesh
कहने का मौका तो दिया था तुने मगर
कहने का मौका तो दिया था तुने मगर
Swami Ganganiya
प्राण प्रतीस्था..........
प्राण प्रतीस्था..........
Rituraj shivem verma
सारे ही चेहरे कातिल है।
सारे ही चेहरे कातिल है।
Taj Mohammad
2947.*पूर्णिका*
2947.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
आज शाम 5 बजे से लगातार सुनिए, सियासी ज्योतिषियों और दरबारियो
आज शाम 5 बजे से लगातार सुनिए, सियासी ज्योतिषियों और दरबारियो
*प्रणय प्रभात*
सफलता यूं ही नहीं मिल जाती है।
सफलता यूं ही नहीं मिल जाती है।
नेताम आर सी
20)”“गणतंत्र दिवस”
20)”“गणतंत्र दिवस”
Sapna Arora
(21)
(21) "ऐ सहरा के कैक्टस ! *
Kishore Nigam
अस्तित्व पर अपने अधिकार
अस्तित्व पर अपने अधिकार
Dr fauzia Naseem shad
संभावना
संभावना
Ajay Mishra
ज़हर क्यों पी लिया
ज़हर क्यों पी लिया
Surinder blackpen
"मोल"
Dr. Kishan tandon kranti
इस संसार में क्या शुभ है और क्या अशुभ है
इस संसार में क्या शुभ है और क्या अशुभ है
शेखर सिंह
Loading...