Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
5 Apr 2021 · 1 min read

“अकेला काफी है तू”

काफी अकेला हूं मैं
काफी अकेला हूं मैं
काफी अकेला हूं मैं
कहता ही जा रहा था !!

अकेला काफी है ,तू
अकेला काफी है ,तू
अकेला काफी है ,तू
यही मैं समझा रहा था!!

समझा ना शब्दों को वो
समर्थन जता रहा था
कहता ही जा रहा था
कहता ही जा रहा था !!

अंधेरों में दिया अकेला
किरदार निभा रहा था
अंधकार का दोष ना
किसी पर लगा रहा था !!

सूर्य को ललकारने आई
जुगनूओ की है टोलियां
खुद की रोशनी को जुगनू
खुद्दारी वो बता रहा था !!

चाहिए अपनी रोशनी से
खुद को वह रोशन करें ,
चांद भी नित् आ करके
यही राग सुना रहा था !!

आसमान में नित् दिनकर
जमीन को रोशना रहा था
आदमी रूपी कठपुतली
ईश्वर ही चला रहा था !!

काफी अकेला हूं मैं
काफी अकेला हूं मैं
काफी अकेला हूं मैं
कहता ही जा रहा था !!

अकेला काफी है ,तू
अकेला काफी है ,तू
अकेला काफी है ,तू
यही मैं समझा रहा था!!

✍कवि दीपक बवेजा

Language: Hindi
1 Like · 708 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
କଳା ସଂସ୍କୃତି ଓ ପରମ୍ପରା
କଳା ସଂସ୍କୃତି ଓ ପରମ୍ପରା
Bidyadhar Mantry
" रीत "
Dr. Kishan tandon kranti
सुबह को सुबह
सुबह को सुबह
rajeev ranjan
पुच्छल दोहा
पुच्छल दोहा
सतीश तिवारी 'सरस'
एक इश्क में डूबी हुई लड़की कभी भी अपने आशिक दीवाने लड़के को
एक इश्क में डूबी हुई लड़की कभी भी अपने आशिक दीवाने लड़के को
Rj Anand Prajapati
क़ाबिल नहीं जो उनपे लुटाया न कीजिए
क़ाबिल नहीं जो उनपे लुटाया न कीजिए
Shweta Soni
हे मां शारदे ज्ञान दे
हे मां शारदे ज्ञान दे
Suman (Aditi Angel 🧚🏻)
बेशक हम गरीब हैं लेकिन दिल बड़ा अमीर है कभी आना हमारे छोटा स
बेशक हम गरीब हैं लेकिन दिल बड़ा अमीर है कभी आना हमारे छोटा स
Ranjeet kumar patre
3276.*पूर्णिका*
3276.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
खड़ा चुनावों में है जो उसमें  , शरीफ- गुंडे का मेल देखो   (म
खड़ा चुनावों में है जो उसमें , शरीफ- गुंडे का मेल देखो (म
Ravi Prakash
ऊपर चढ़ता देख तुम्हें, मुमकिन मेरा खुश हो जाना।
ऊपर चढ़ता देख तुम्हें, मुमकिन मेरा खुश हो जाना।
सत्य कुमार प्रेमी
"कोहरा रूपी कठिनाई"
Yogendra Chaturwedi
अहसास
अहसास
Sandeep Pande
मुझे दर्द सहने की आदत हुई है।
मुझे दर्द सहने की आदत हुई है।
Taj Mohammad
लाश लिए फिरता हूं
लाश लिए फिरता हूं
Ravi Ghayal
अपनों का साथ भी बड़ा विचित्र हैं,
अपनों का साथ भी बड़ा विचित्र हैं,
Umender kumar
कुंडलिया छंद *
कुंडलिया छंद *
डाॅ. बिपिन पाण्डेय
इतनी बिखर जाती है,
इतनी बिखर जाती है,
शेखर सिंह
जोशीला
जोशीला
RAKESH RAKESH
सतशिक्षा रूपी धनवंतरी फल ग्रहण करने से
सतशिक्षा रूपी धनवंतरी फल ग्रहण करने से
ओम प्रकाश श्रीवास्तव
खेल सारा वक्त का है _
खेल सारा वक्त का है _
Rajesh vyas
“मंच पर निस्तब्धता,
“मंच पर निस्तब्धता,
*Author प्रणय प्रभात*
महिला दिवस
महिला दिवस
Surinder blackpen
कोरोना भगाएं
कोरोना भगाएं
Dr. Pradeep Kumar Sharma
दुआ कबूल नहीं हुई है दर बदलते हुए
दुआ कबूल नहीं हुई है दर बदलते हुए
कवि दीपक बवेजा
अंदाज़े बयाँ
अंदाज़े बयाँ
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
खुद की एक पहचान बनाओ
खुद की एक पहचान बनाओ
Vandna Thakur
प्रकृति
प्रकृति
Monika Verma
मनुष्य का उद्देश्य केवल मृत्यु होती हैं
मनुष्य का उद्देश्य केवल मृत्यु होती हैं
शक्ति राव मणि
हाइकु
हाइकु
Prakash Chandra
Loading...