Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
21 Jun 2023 · 1 min read

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस

आओ अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाये।
इसको जन जन तक सबको पहुचाये।।

योग से होगा स्वस्थ तन मन,
स्वस्थ तन से मिलता है धन।
नित्य नियम से करे योग हम,
हष्ट और पुष्ट शरीर पाए हम।
चिन्ता फिकर को दूर भगाये।
आओ अंतरराष्ट्रीय दिवस मनाये।।

योग को जीवन शैली बनाओ,
इसे रोग मुक्ति का नारा बनाओ।
जिसने इसको जीवन में अपनाया,
उसने अपने को रोगमुक्त है पाया।।
यह संदेश तुम घर घर पहुचाओ।
आओ अंतरराष्ट्रीय दिवस मनाये।।

रामदेव जी नित्य योग है करते,
अपने आपको बलशाली रखते।
हो गए बूढ़े पर लगते है जवान,
रामदेव है अब योग की पहचान।
योग करे किसी की दवा न खाए,
आओ अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाये।।

आर के रस्तोगी गुरुग्राम

Language: Hindi
2 Likes · 3 Comments · 560 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from Ram Krishan Rastogi
View all
You may also like:
ये रात है जो तारे की चमक बिखरी हुई सी
ये रात है जो तारे की चमक बिखरी हुई सी
Befikr Lafz
बसंत
बसंत
नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
हम और तुम
हम और तुम
Dinesh Yadav (दिनेश यादव)
यूँ भी होता है,अगर दिल में ख़लिश आ जाए,,
यूँ भी होता है,अगर दिल में ख़लिश आ जाए,,
Shweta Soni
🙅पता चला है🙅
🙅पता चला है🙅
*प्रणय प्रभात*
पुराना कुछ भूलने के लिए,
पुराना कुछ भूलने के लिए,
पूर्वार्थ
विचार, संस्कार और रस-4
विचार, संस्कार और रस-4
कवि रमेशराज
सारंग-कुंडलियाँ की समीक्षा
सारंग-कुंडलियाँ की समीक्षा
डाॅ. बिपिन पाण्डेय
जो हैं आज अपनें..
जो हैं आज अपनें..
Srishty Bansal
बना दिया हमको ऐसा, जिंदगी की राहों ने
बना दिया हमको ऐसा, जिंदगी की राहों ने
gurudeenverma198
फूलों की बात हमारे,
फूलों की बात हमारे,
Neeraj Agarwal
पराक्रम दिवस
पराक्रम दिवस
Bodhisatva kastooriya
पारख पूर्ण प्रणेता
पारख पूर्ण प्रणेता
प्रेमदास वसु सुरेखा
काल भैरव की उत्पत्ति के पीछे एक पौराणिक कथा भी मिलती है. कहा
काल भैरव की उत्पत्ति के पीछे एक पौराणिक कथा भी मिलती है. कहा
Shashi kala vyas
चुभती है रौशनी
चुभती है रौशनी
Dr fauzia Naseem shad
मेरा बचपन
मेरा बचपन
सोलंकी प्रशांत (An Explorer Of Life)
"कोशिशो के भी सपने होते हैं"
Ekta chitrangini
दलित साहित्य के महानायक : ओमप्रकाश वाल्मीकि
दलित साहित्य के महानायक : ओमप्रकाश वाल्मीकि
Dr. Narendra Valmiki
एडमिन क हाथ मे हमर सांस क डोरि अटकल अछि  ...फेर सेंसर ..
एडमिन क हाथ मे हमर सांस क डोरि अटकल अछि ...फेर सेंसर .."पद्
DrLakshman Jha Parimal
*चाँदी को मत मानिए, कभी स्वर्ण से हीन ( कुंडलिया )*
*चाँदी को मत मानिए, कभी स्वर्ण से हीन ( कुंडलिया )*
Ravi Prakash
यारों की महफ़िल सजे ज़माना हो गया,
यारों की महफ़िल सजे ज़माना हो गया,
Mrs PUSHPA SHARMA {पुष्पा शर्मा अपराजिता}
गुरु कृपा
गुरु कृपा
Satish Srijan
कविता की महत्ता।
कविता की महत्ता।
Rj Anand Prajapati
2507.पूर्णिका
2507.पूर्णिका
Dr.Khedu Bharti
जब से हमारी उनसे मुलाकात हो गई
जब से हमारी उनसे मुलाकात हो गई
Dr Archana Gupta
ईर्ष्या, द्वेष और तृष्णा
ईर्ष्या, द्वेष और तृष्णा
ओंकार मिश्र
रखो कितनी भी शराफत वफा सादगी
रखो कितनी भी शराफत वफा सादगी
Mahesh Tiwari 'Ayan'
यहाँ किसे , किसका ,कितना भला चाहिए ?
यहाँ किसे , किसका ,कितना भला चाहिए ?
_सुलेखा.
वैमनस्य का अहसास
वैमनस्य का अहसास
Dr Parveen Thakur
भटक रहे अज्ञान में,
भटक रहे अज्ञान में,
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
Loading...