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Author: Pravin Tripathi

Pravin Tripathi
Posts 14
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एक नवागत काव्यकार, जो वरिष्ठ रचनाकारों की संगति में सीखने का इच्छुक है।

विधाएं

गीतगज़ल/गीतिकाकवितामुक्तककुण्डलियाकहानीलघु कथालेखदोहेशेरकव्वालीतेवरीहाइकुअन्य

मातृ दिवस पर दो रचनाएँ

मातृशक्ति को नमन दो रचनाएँ.... कुंडली... माता की ममता बड़ी, [...]

महिला

🙏🏵 *अंतराष्ट्रीय महिला दिवस पर मातृशक्ति को नमन करते हुए एक [...]

बसंत का पुनरागमन

बसंत पर मन के कुछ भाव💐💐💐💐 ""खिलें पुष्प हैं गुलशन- [...]

चुनाव

*एक गीतिका....* *शीर्षक  -  चुनाव* *चुनावों के बहाने से हमें [...]

संयुत

*संयुत छंद में कुछ मुक्तक* *विधान-* [सगण जगण जगण गुरु ] (112 121 121 2) 4 [...]

एक खुद पसंद ग़ज़ल

एक खुद पसंद ग़ज़ल... काफ़िया "अर" का स्वर रदीफ़ देखते रहे बह्र [...]

कृष्ण की मुरली पर एक मुक्तक

कृष्ण की मुरली पर एक मुक्तक.. अरे कान्हा तेरी मुरली हमें [...]

कृष्ण पर एक कुंडलिनी

कृष्ण पर एक कुंडलिनी... हे कृष्णा मुरली तेरी, मन को रही [...]

विधाता छंद पर आधारित एक गीतिका

किनारे इक समंदर के निशा के ज्वार को देखा। पटकती सर किनारे पर [...]

तीन मुक्तक

तीन मुक्तक.... इंसान जगा इक आज नया जागा सपना जब टूट गया। थी [...]

धुंध अंधाधुंध….

पर्यावरण की दुर्दशा पर कुछ विचार... क्या दिल्ली लखनऊ क्या, [...]

पंच दोहे

पंच दोहे.... पनप रहा है देश में, बहु आयामी आतंक। नहीं अछूता अब [...]

आल्ह छंद में एक रचना

आल्ह छंद पर आधारित एक रचना.... (मापनी 31 तथा 16,15 पर यति, अंत में [...]

दोहा छंदाधारित मुक्तक

*70वें स्वाधीनता दिवस पर दोहा मुक्तक शैली में देश को समर्पित [...]