Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
28 May 2023 · 1 min read

Ye ayina tumhari khubsoorti nhi niharta,

Ye ayina tumhari khubsoorti nhi niharta,
Ye tumhare shringar ki sahuliyat dekhta hai,
Kal tumhare me jo gathari thi samai,
Wajan uska ye har bar karta hai,
wakt ke sath kitne tamiz-dar hone lage tum,
Wakt se jayda ye tumko padhta hai.
Ye ayina tumhari khubsoorti nhi niharta,
Tumhare andar khali pade jajbat dekhta hai,
Ye ayina tumhe mayus nhi karta,
Tumhari shakshiyat se tumhe roobaru karata hai.
din ke ujalo ki kiran ki raunak me,
Jb tum behisab chamakte ho.
Aur rat ke adhere me bujhe suraj se dhalte ho,
Ye tumhari akho me kbhi nami nhi deta,
Unke samandar se tumhara didar karata hai.

363 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
तेज़
तेज़
Sanjay ' शून्य'
छल फरेब की बात, कभी भूले मत करना।
छल फरेब की बात, कभी भूले मत करना।
surenderpal vaidya
मन के भाव
मन के भाव
Surya Barman
सूरज
सूरज
PRATIBHA ARYA (प्रतिभा आर्य )
अपना गाँव
अपना गाँव
डॉ०छोटेलाल सिंह 'मनमीत'
महबूबा से
महबूबा से
Shekhar Chandra Mitra
अपमान समारोह: बुरा न मानो होली है
अपमान समारोह: बुरा न मानो होली है
Ravi Prakash
किसान मजदूर होते जा रहे हैं।
किसान मजदूर होते जा रहे हैं।
रोहताश वर्मा 'मुसाफिर'
हालातों से युद्ध हो हुआ।
हालातों से युद्ध हो हुआ।
Kuldeep mishra (KD)
पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर को उनकी पुण्यतिथि पर शत शत नमन्।
पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर को उनकी पुण्यतिथि पर शत शत नमन्।
Anand Kumar
!! मुरली की चाह‌ !!
!! मुरली की चाह‌ !!
Chunnu Lal Gupta
डोमिन ।
डोमिन ।
Acharya Rama Nand Mandal
"जाम"
Dr. Kishan tandon kranti
द्रौपदी
द्रौपदी
SHAILESH MOHAN
रिसाय के उमर ह , मनाए के जनम तक होना चाहि ।
रिसाय के उमर ह , मनाए के जनम तक होना चाहि ।
Lakhan Yadav
उसकी सूरत देखकर दिन निकले तो कोई बात हो
उसकी सूरत देखकर दिन निकले तो कोई बात हो
Dr. Shailendra Kumar Gupta
मुश्किलें जरूर हैं, मगर ठहरा नहीं हूँ मैं ।
मुश्किलें जरूर हैं, मगर ठहरा नहीं हूँ मैं ।
पूर्वार्थ
Phoolo ki wo shatir  kaliya
Phoolo ki wo shatir kaliya
Sakshi Tripathi
हज़ारों चाहने वाले निभाए एक मिल जाए
हज़ारों चाहने वाले निभाए एक मिल जाए
आर.एस. 'प्रीतम'
दुनिया तेज़ चली या मुझमे ही कम रफ़्तार थी,
दुनिया तेज़ चली या मुझमे ही कम रफ़्तार थी,
गुप्तरत्न
8. टूटा आईना
8. टूटा आईना
Rajeev Dutta
सजा दे ना आंगन फूल से रे माली
सजा दे ना आंगन फूल से रे माली
Basant Bhagawan Roy
#दोहा-
#दोहा-
*Author प्रणय प्रभात*
मुद्दा
मुद्दा
Paras Mishra
रात
रात
sushil sarna
ध्यान
ध्यान
Monika Verma
2287.
2287.
Dr.Khedu Bharti
बुंदेली दोहा संकलन बिषय- गों में (मन में)
बुंदेली दोहा संकलन बिषय- गों में (मन में)
राजीव नामदेव 'राना लिधौरी'
फूल अब खिलते नहीं , खुशबू का हमको पता नहीं
फूल अब खिलते नहीं , खुशबू का हमको पता नहीं
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
बे-ख़ुद
बे-ख़ुद
Shyam Sundar Subramanian
Loading...