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1 Nov 2023 · 1 min read

“The Deity in Red”

The stains of her blood had spread all around,
But the passion in her eyes had cast a new bond.
The pain struck brutally, shattered glasses, fresh wounds abound,
But the determination being the source from where a new strength she profound.
All the past failures were haunting her in this empty ground,
yet the echoes of hope began to sing, a resounding ultrasound.
Betrayals of life, where once she nearly drowned,
Choking breaths learned to swim, and she was finally crowned.
She picked up the shattered pieces, she no longer did confound.
The diety in red smiled, for the lost shadow of HER was found.

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