कुछ पल अपने लिए
"कुछ पल अपने लिए" बीत रही जिन्दगी सारी दूसरों की सोचकर, अब तलक कभी जिया नहीं अपने लिए। सोचता हूं जरा इस जिन्दगी को रोककर, मैं भी निकालूं इसमें से...
Poetry Writing Challenge-2 · आज के जीवन की भागदौड़ · कविता · कुछ पल अपने लिए · ज़िन्दगी · जीवन यात्रा