shabina. Naaz Tag: ग़ज़ल 7 posts Sort by: Latest Likes Views List Grid shabina. Naaz 23 Dec 2024 · 1 min read एक ना एक दिन ये तमाशा होना ही था एक ना एक दिन ये तमाशा होना ही था उनको हमसे... हमें उन से गिला होना ही था..... इतने बिछाये राह में कांटे दुश्मनों ने फिर तो मेरा रास्ता उन... Hindi · Quote Writer · ग़ज़ल 166 Share shabina. Naaz 22 Nov 2024 · 1 min read फर्क़ क्या पढ़ेगा अगर हम ही नहीं होगे तुमारी महफिल में फर्क़ क्या पढ़ेगा अगर हम ही नहीं होगे तुमारी महफिल में मगर याद रखना हम जैसा भी नहीं मिलेगा कोई और तुम्हें हमारे बाद………. जाओ आजमा के देख लो सारे... Hindi · Quote Writer · ग़ज़ल 267 Share shabina. Naaz 10 Sep 2024 · 1 min read किसी की इज़्ज़त कभी पामाल ना हो ध्यान रहे किसी की इज़्ज़त कभी पामाल ना हो ध्यान रहे फैसला करना हो तो याद रहे बीच मे कुरआन रहे : अगर किया है किसी ने किसी पे अहसान कोई ना... Hindi · Quote Writer · ग़ज़ल 144 Share shabina. Naaz 14 Jun 2024 · 1 min read कभी ग़म से कभी खुशी से मालामाल है कभी ग़म से कभी खुशी से मालामाल है जिंदगी तू भी क्या कमाल है कमाल है......!!! तारीफ़ तेरी क्या करूँ सब तेरा ही हुस्नऔजमाल है जिंदगी तू भी क्या कमाल... Hindi · ग़ज़ल 223 Share shabina. Naaz 15 May 2023 · 1 min read सब्र का पैमाना सब्र का पैमाना जब झलक जाये...... फिर बताएं कोई... क्या किया जाए...... है सियासत ये सरासर..लोगो..की अब मुहब्बत को केसे बचया जाये...... कौन खुश है इस जमाने में... किस तरह... Poetry Writing Challenge · ग़ज़ल 442 Share shabina. Naaz 22 Aug 2022 · 1 min read ग़म का साया ग़म का साया _________ मेरे दिल पे ग़मों का साया है। बीती बातों ने फिर रुलाया है।। वक्त जो गुजरा ना लौट पाया है। वक्त को कौन रोक पाया है।।... Hindi · ग़ज़ल 217 Share shabina. Naaz 17 Aug 2022 · 1 min read किसी दिन चलो किसी दिन सितारों पे सफर करते है ये जिंदगी नए सिरे से बसर करते है बहुत हुयी मसरूफियते अब तमाम करो आओ एक शाम तो फुर्सत से बसर करते... Hindi · ग़ज़ल 258 Share