Meera parihar 29 posts Sort by: Latest Likes Views List Grid Meera parihar 15 Jun 2023 · 5 min read श्री गीता अध्याय अठारह बोले अर्जुन! हे अंतर्यामी ! हे वासुदेव! हे महाबाहो ! मैं सन्यास, त्याग के तत्व को पृथक-पृथक जानना चाहता। कितना समझाया है आपने, फिर भी समझ नहीं मैं पाता।। पंडित... Poetry Writing Challenge · कविता · श्री गीता अध्याय अठारह 2 396 Share Meera parihar 14 Jun 2023 · 3 min read श्री गीता अध्याय सत्रहवां अर्जुन बोले, हे कृष्ण ! उनकी स्थिति कौन सी कहीं जाती है ? जो शास्त्र विधि को त्याग कर पूजन करते हैं हे कृष्ण ! पूजन करें जो श्रद्धा से... Poetry Writing Challenge · कविता 1 228 Share Meera parihar 14 Jun 2023 · 1 min read सरकारी नौकरी घर से निकला लिए हाथ में लोटा और लंगोटी। ऐसी लगी नौकरिया भैया जम गई अपनी गोटी।। रास ना आए बांस मसहरी और पानी की रोटी। बिसुर गईं सब नीम... Poetry Writing Challenge · कविता 2 253 Share Meera parihar 14 Jun 2023 · 1 min read रजनीगंधा तुम रजनी गंधा मैं रात की रानी कभी तुम महके आँगन कभी मैं ज़िंदगी की पटरियों पर चलते रहे अपनी अपनी खुशबुएं साथ लिए कभी चुभे नुकीले दाँतों से ये... Poetry Writing Challenge 2 237 Share Meera parihar 3 Jun 2023 · 3 min read श्री गीता अध्याय सोलह श्री गीता अध्याय सोलह श्री भगवान बोले - अभाव सर्वदा भय का निर्मलता अंतर की। तत्वज्ञान हेतु ध्यान योग में निरंतर स्थिति।। सात्विक दान, दमन इंद्रियों का पूजा देव,ईश, गुरु... Poetry Writing Challenge · कविता · श्री गीता अध्याय सोलह 1 2 337 Share Meera parihar 3 Jun 2023 · 3 min read श्री गीता अध्याय पंद्रह बोले श्री भगवान - संसार रूप पीपल के पत्ते वेद कहे जाते हैं । आदि पुरुष परमेश्वर मूल, ब्रह्मा मुख्य शाखा कहे जाते हैं।। ऐसे ही संसार वृक्ष को मूल... Poetry Writing Challenge · कविता 1 433 Share Meera parihar 2 Jun 2023 · 3 min read श्री गीता अध्याय चतुर्दश चतुर्दश अध्याय- श्री भगवान कहते हैं - ज्ञान जिसका आश्रय लेकर मनुष्य बार -बार नहीं जन्मता। ज्ञानों में अति उत्तम परम ज्ञान ,पुनः कहूंगा,पार्थ!वस्तुत:।। इसी ज्ञान का आश्रय लेकर- मेरे... Poetry Writing Challenge · कविता · गीता कविता · चौदहवां अध्याय 1 225 Share Meera parihar 2 Jun 2023 · 1 min read धूप छांव जिंदगी धूप है घनी कभी छांव कभी जिंदगी। है कभी शहर,गली,गाँव कभी जिंदगी।। दस्तकें त्योहार की ,तंग हाथ,जेब भी। टूटती गुल्लकें,थके पाँव कभी जिंदगी।। कभी बहार ये बनी, कांटों में गुलाब... Poetry Writing Challenge · कविता 2 307 Share Meera parihar 1 Jun 2023 · 1 min read थिरकन थिरकने लगते हैं पांव, गिरे जब बूंद धरती पर। पट पट पट पटर पटपट,उगे ज्यों धान भू परती पर।। थिरकने लगते हैं पांव,मयूरी जब पुकारे पियु आओ। तक धिन ताक... Poetry Writing Challenge · कविता 1 2 262 Share Meera parihar 1 Jun 2023 · 1 min read धूप हर रात के बाद सुबह होती है,यही शाश्र्वत नियम है।खिली धूप इसका जीता-जागता प्रमाण होता है। इसी संदर्भ में प्रस्तुत है मेरी रचना। *धूप* केसरिया रंग रतन थाल ले मेरे... Poetry Writing Challenge · कविता 2 317 Share Meera parihar 31 May 2023 · 1 min read हिमालय उत्तर उत्तुंग हिमालय, दक्षिण अथाह सागर । कल-कल निनादमय, नदियां हैं भरतीं गागर।। धन-धान्य पूर्ण वैभव,शस्य श्यामला धरा का। उर्वरा यहाँ भूमि, जो फसलों में हो उजागर।। विख्यात शिल्प पुराना,यह... Poetry Writing Challenge · Poem · हिमालय 405 Share Meera parihar 30 May 2023 · 1 min read कविवर रविन्द्र नाथ टैगोर रविन्द्र नाथ टैगोर* * जिनकी रग -रग में बसता था, राष्ट्रप्रेम का पावन नाम। सदा -सदा ही याद रहेंगे, ऐसी गुरुवर लोग महान।। जिनके लिए राष्ट्रहित पहले, सर्वोत्तम शीर्ष सिरमोर।... Poetry Writing Challenge · कविता 1 380 Share Meera parihar 29 May 2023 · 1 min read प्रभुकृपा प्रभु प्रसादी रश्मियां रवि,भर रहीं ऊर्जा प्रकाश। दस्तकें दें हर मनुज को, तिमिर का करें निकास।। ज्योति जगमग जग प्रकाशित, भरें संकल्प आस। वही प्रकाशक सृष्टि का,है सृष्टिकर्ता का उजास।।... Poetry Writing Challenge · कविता 360 Share Meera parihar 28 May 2023 · 1 min read कुशल सारथि कुशल सारथी सदा सुपथ पर ,रथ अश्वों का ले जाता । वैसे ही ये मन चालक इन्द्रियों को सही मार्ग दिखलाता।। चित्त वृत्ति ही शुभ-अशुभ कर्मों की जननी कहलाती। वृत्ति... Poetry Writing Challenge · कविता 2 188 Share Meera parihar 28 May 2023 · 1 min read अवसादों के सागर अवसादों के सागर गहरे, खुशियों के फब्बारे कम। नहीं देखते खुशियां अपनी , देखें केवल गम ही ग़म।। मनुष्य बना है सुख-दुख रूपी,पीली श्यामल मिट्टी से। नहीं देखते दुःख पराया... Poetry Writing Challenge · कविता 2 467 Share Meera parihar 28 May 2023 · 1 min read प्रेम प्रेम हृदय वीणा का तार होता है। गहरे आनंद में अनछुआ सोता है।। प्रीत के बीजारोपण से स्पंदित हो। अंतरमन तब कुछ-कुछ होता है।। बजने लगती है वीणा झंकृत हो।... Poetry Writing Challenge · कविता 2 350 Share Meera parihar 27 May 2023 · 4 min read श्री गीता अध्याय तेरह *श्री गीता अध्याय तेरह* बोले श्री भगवान -हे अर्जुन! ! ज्ञानी जन कहते हैं -सुनकर कर ज्ञानार्जन। यह शरीर है क्षेत्र, जानकार होता क्षेत्रज्ञ। बोये बीजों के अनुरूप समय पर... Poetry Writing Challenge 2 211 Share Meera parihar 26 May 2023 · 2 min read श्री गीता अध्याय बारह अध्याय बारह अर्जुन प्रश्न करते हैं, ,,, एक जो अनन्य प्रेमी जन भजन संध्या करते और वे सगुण रूप से निरंतर आपको भजते। दूसरे वे जो-- अविनाशी सच्चिदानन्द घन मान,... Poetry Writing Challenge · 6 कविता 1 271 Share Meera parihar 25 May 2023 · 5 min read श्री गीता अध्याय एकादश गीता अध्याय एकादश बोले अर्जुन,नष्ट हुआ अज्ञान अनुग्रह आपने कीन्हां। परम गोपनीय आध्यात्मिक वचन आप मोहे दीन्हा।। हे कमल नेत्र! है सुना आपसे आपकी, अविनाशी महिमा को। विस्तारपूर्वक जाना मैंने... Poetry Writing Challenge · पढ़िए और सुझाइए · श्री गीता अध्याय एकादश 1 140 Share Meera parihar 24 May 2023 · 4 min read श्री गीता अध्याय दसवां श्री गीता दसवां अध्याय श्री भगवान कहते हैं--- महाबाहो हे ! फिर से सुन, प्रभाव युक्त रहस्य वचन को। रखता तू अति प्रेम, कहूंँगा तेरे हित की इच्छा से जिसको।।... Poetry Writing Challenge · कविता 1 247 Share Meera parihar 23 May 2023 · 3 min read श्री गीता अध्याय नवम ज्ञान कहूँ भली-भांति पुनः गोपनीय विज्ञान सहित। विज्ञान सहित यह ज्ञान सभी विधाओं का राजा अति पवित्र अति उत्तम सब गोपियों का राजा।। साधन में है सुगम धर्म युक्त अविनाशी।... Poetry Writing Challenge 2 2 155 Share Meera parihar 22 May 2023 · 3 min read श्री गीता अध्याय -अष्ठम आठ अध्याय गीता हे पुरुषोत्तम ब्रह्म है क्या, अध्यात्म है क्या? और कर्म है क्या। अधि देव किसे कहते हैं, अविभूत नाम का अर्थ है क्या? हे मधुसूदन! यहाँ अधियज्ञ... Poetry Writing Challenge 1 173 Share Meera parihar 21 May 2023 · 3 min read श्री गीता अध्याय सप्तम श्री गीता सप्तम अध्याय बोले श्री भगवान, पार्थ सुनो हे! आसक्तिचित्त हो अनन्य प्रेम से अनन्य भाव से पारायण हो मेरे। संशय रहित हो जाएगा, सबके आत्म रूप विभूति बल... Poetry Writing Challenge · कविता 1 369 Share Meera parihar 20 May 2023 · 3 min read श्री गीता अध्याय छः बोले श्री भगवान,पुरुष जो न कर्मफल का आश्रय लेते । हैं सन्यासी योगी वे ,केवल करने योग्य कर्म ही करते ।। केवल अग्नि त्याग करने से सन्यासी नहीं होता कोई।... Poetry Writing Challenge · कविता 1 2 286 Share Meera parihar 19 May 2023 · 2 min read श्री गीता अध्याय पंचम अर्जुन बोले... हे कृष्ण! प्रशंसा करें आप कर्मों से संन्यास की। संग में देते मुझे शिक्षा,तुम कर्मयोग अभ्यास की।। दोनों में है परमश्रेष्ठ,कल्याणकर हितयोग्य मुझे। जो साधन है सर्वश्रेष्ठ,बतलाएं वह... Poetry Writing Challenge · कविता 197 Share Meera parihar 18 May 2023 · 4 min read श्री गीता अध्याय चार श्री गीता कविता चतुर्थ अध्याय ❣️🙏❣️ बोले श्री भगवान: योग यह कहा सूर्य से मैंने, सूर्य ने सुत वैवस्वत से अपने। मनु वैवस्वत ने स्वयं,राजा पुत्र इच्छवाकु को पढ़ने गुनने।।... Hindi · कविता 208 Share Meera parihar 17 May 2023 · 3 min read श्री गीता अध्याय तृतीय गीता अध्याय तीन हे अर्जुन! ज्ञान श्रेष्ठ है अगर कर्म से ,कर्म में मुझे लगाते क्यों । मोहित कर मेरी बुद्धि को, मुझको हो भरमाते क्यों।। हे निष्पाप! निष्ठा दो... Hindi · कविता 393 Share Meera parihar 16 May 2023 · 4 min read श्री गीता अध्याय द्वितीय अश्रु भरे व्याकुल नयन, हृदय देख व्यग्र अर्जुन का। निवारणार्थ शोकातिरेक, कृष्ण बोले वचन नीति का।। इस असमय किस हेतु पार्थ, तू मोह को प्राप्त हुआ है। है नहीं श्रेष्ठ... Poetry Writing Challenge · कविता · श्री गीता अध्याय द्वितीय 133 Share Meera parihar 15 May 2023 · 2 min read गीता अध्याय प्रथम प्रथम अध्याय* खड़े हुए जब रणभूमि में, शूरवीर दोऊ ओर। शंख, नगाड़ों , ढोल का, शोर हुआ घनघोर।। शोर हुआ घनघोर ,चहुं दंदुभियां रण की बाजें। लिए शस्त्र धनुर्वाण स्वजन... Poetry Writing Challenge · कविता 2 3 265 Share