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Page 90
खुशामद की राह छोड़कर,
खुशामद की राह छोड़कर,
Ajit Kumar "Karn"
जनता
जनता
Sanjay ' शून्य'
मसला ये नहीं कि लोग परवाह क्यों नहीं करते,
मसला ये नहीं कि लोग परवाह क्यों नहीं करते,
पूर्वार्थ
मसला ये नहीं कि लोग परवाह नहीं करते,
मसला ये नहीं कि लोग परवाह नहीं करते,
पूर्वार्थ
चुप्पियों के साए में जीते हैं हम सभी,
चुप्पियों के साए में जीते हैं हम सभी,
पूर्वार्थ
एक दिन हम भी चुप्पियों को ओढ़कर चले जाएँगे,
एक दिन हम भी चुप्पियों को ओढ़कर चले जाएँगे,
पूर्वार्थ
इतना ही बस रूठिए , मना सके जो कोय ।
इतना ही बस रूठिए , मना सके जो कोय ।
Manju sagar
4085.💐 *पूर्णिका* 💐
4085.💐 *पूर्णिका* 💐
Dr.Khedu Bharti
बात हद  से बढ़ानी नहीं चाहिए
बात हद से बढ़ानी नहीं चाहिए
सुखविंद्र सिंह मनसीरत
" माप "
Dr. Kishan tandon kranti
*बगिया जोखीराम का प्राचीन शिवालय*
*बगिया जोखीराम का प्राचीन शिवालय*
Ravi Prakash
4084.💐 *पूर्णिका* 💐
4084.💐 *पूर्णिका* 💐
Dr.Khedu Bharti
"आपकी अदालत"
Dr. Kishan tandon kranti
"ग़ज़ब की ख्वाहिश"
Dr. Kishan tandon kranti
" पाबन्दी"
Dr. Kishan tandon kranti
आज़ यूं जो तुम इतने इतरा रहे हो...
आज़ यूं जो तुम इतने इतरा रहे हो...
Keshav kishor Kumar
"इस जमीं पर"
Dr. Kishan tandon kranti
सत्ता - सुख सबको अच्छा लगता है,
सत्ता - सुख सबको अच्छा लगता है,
Ajit Kumar "Karn"
" मेरा प्यार "
DrLakshman Jha Parimal
मोबाइल निगल गया
मोबाइल निगल गया
*प्रणय प्रभात*
4082.💐 *पूर्णिका* 💐
4082.💐 *पूर्णिका* 💐
Dr.Khedu Bharti
🍁🍁तेरे मेरे सन्देश-10🍁🍁
🍁🍁तेरे मेरे सन्देश-10🍁🍁
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
4081.💐 *पूर्णिका* 💐
4081.💐 *पूर्णिका* 💐
Dr.Khedu Bharti
4080.💐 *पूर्णिका* 💐
4080.💐 *पूर्णिका* 💐
Dr.Khedu Bharti
कहाँ मिलोगे?
कहाँ मिलोगे?
Rambali Mishra
4079.💐 *पूर्णिका* 💐
4079.💐 *पूर्णिका* 💐
Dr.Khedu Bharti
************* माँ तेरी है,माँ तेरी है *************
************* माँ तेरी है,माँ तेरी है *************
सुखविंद्र सिंह मनसीरत
*मुरली धन्य हुई जब उसको, मुरलीधर स्वयं बजाते हैं (राधेश्यामी
*मुरली धन्य हुई जब उसको, मुरलीधर स्वयं बजाते हैं (राधेश्यामी
Ravi Prakash
चौपाई - आजादी का पर्व
चौपाई - आजादी का पर्व
Sudhir srivastava
दोहा
दोहा
Sudhir srivastava
स्वतंत्रता दिवस
स्वतंत्रता दिवस
Sudhir srivastava
व्याकरण कविता
व्याकरण कविता
Neelam Sharma
बस इसी सवाल का जवाब
बस इसी सवाल का जवाब
gurudeenverma198
#पैरोडी-
#पैरोडी-
*प्रणय प्रभात*
*घटते प्रतिदिन जा रहे, जीवन के दिन-रात (कुंडलिया)*
*घटते प्रतिदिन जा रहे, जीवन के दिन-रात (कुंडलिया)*
Ravi Prakash
तत्वहीन जीवन
तत्वहीन जीवन
Shyam Sundar Subramanian
मां के कोख से
मां के कोख से
Radha Bablu mishra
कल गोदी में खेलती थी
कल गोदी में खेलती थी
डॉ. शशांक शर्मा "रईस"
मोहिनी
मोहिनी
Rambali Mishra
अनामिका
अनामिका
Rambali Mishra
भौतिक युग की सम्पदा,
भौतिक युग की सम्पदा,
sushil sarna
मिट जाता शमशान में,
मिट जाता शमशान में,
sushil sarna
गमन जगत से जीव का,
गमन जगत से जीव का,
sushil sarna
चार दिनों की जिंदगी,
चार दिनों की जिंदगी,
sushil sarna
कल तो नाम है काल का,
कल तो नाम है काल का,
sushil sarna
अन्तर्मन में अंत का,
अन्तर्मन में अंत का,
sushil sarna
आने का संसार में,
आने का संसार में,
sushil sarna
आनंद नंद के घर छाये।
आनंद नंद के घर छाये।
श्रीकृष्ण शुक्ल
..
..
*प्रणय प्रभात*
मुक्तक
मुक्तक
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
Page 90
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