Sahityapedia
Sign in
Home
Your Posts
QuoteWriter
Account
2 Sep 2025 · 1 min read

दरवाजे खुला रखो

दरवाजे खुला रखो
वे लौट सकते हैं
उम्मीद मत रखो
बस उन्हें खुला छोड़ दो
दरवाजों का खुला होना
खुद एक उम्मीद है..

~केदारनाथ सिंह

Loading...